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खुदा मिला न विसाल-ए-सनम
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 25 Jul 2013 02:41 PM IST
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पिछले दिनों हुकूमत करने वालों की टीम थोड़ा बढ़ाई गई। हालांकि इसकी चर्चा बड़े फेरबदल और विस्तार को लेकर थी।
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लिहाजा इससे बड़ों-बड़ों की उम्मीदें भी थीं। इसी में एक नायब मंत्री के साथ बड़ा दिलचस्प वाकया हुआ। दरअसल इस विस्तार की चर्चा शुरू हो इसके बीच ही वह तीर्थयात्रा पर चले गए थे।
उनका इरादा वहां खासा वक्त गुजारने का था। मगर वह तीर्थ पहुंचे ही थे कि उनके किसी ‘खास’ ने उन्हें तरक्की की खबर सुना दी। उन्हें लगा मालिक की दर पर दस्तक देते ही चमत्कार हो गया।
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वह उसका हुक्म समझ उल्टे पांव लौट पड़े। विस्तार की भोर जरिए उड़नखटोला राजधानी आ पहुंचे। मगर यहां आकर जब उन्हें अपनी जस की तस पोजीशन वाली बात पता चली तो उन्होंने चाय की रस्म में भी शामिल होने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
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अब विरोधी उनके तीर्थाटन पर तंज कस ही रहे हैं उन्हें खुद भी पछताते नहीं बन रहा। उनके शुभचिंतक ही कहते सुनाई दे रहे हैं कि खुदा को छोड़कर न आते तो शायद लौटने पर ही पा जाते, मगर अब न जाने क्या होगा?
खैर, वह आशावादी हैं लिहाजा उन्होंने अगले विस्तार की उम्मीद नहीं छोड़ी है।