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फिर से शुरू होगा सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम

Mon, 06 Oct 2014 03:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 06 Oct 2014 03:24 PM IST
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kgmu starts its centralised oxygen system

केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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केजीएमयू प्रशासन ने ब्लॉक का दौरा कर सभी गड़बड़ियों को ठीक कराने का निर्देश दिया है। दो दिन के भीतर सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम को शुरू करा दिया जाएगा।

केजीएमयू में एक साल से तैयार सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को तकनीकी गड़बड़ी के चलते नहीं शुरू कराया जा सका था। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में आगे की तरफ बने वार्ड में करीब डेढ़ सौ से अधिक बेड हैं।
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यहां पर मरीजों को सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम का लाभ देने के लिए करीब एक साल पहले लाइन बिछाई गई थी। एक साल बाद भी लाइन को स्टाफ और जरूरी चेंज ओवर न लगने के चलते शुरू नहीं कराया जा सका था।
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सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के शुरू न होने के चलते आए दिन विभाग में भर्ती मरीजों की जान सांसत में फंस जाती है। हर दिन डेढ़ सौ से अधिक सिलेंडर की खपत होती है।

200 मरीजों पर होगा ट्रायल

kgmu starts its centralised oxygen system

इस प्लांट शुरू होने के बाद लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई होने के बाद खर्च काफी कम हो जाएगा। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में भर्ती गंभीर रोगियों को जल्द ही सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम से ऑक्सीजन मिलेगी।

विभाग में भर्ती दो सौ मरीजों को सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम से ऑक्सीजन देने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन का ट्रायल भी हो गया है।

सूत्रों का मानना है कि कुलपति प्रो. रविक पंत के आने के बाद ऑक्सीजन पाइपलाइन का उद्घाटन कराया जाएगा। आखिरकार एक साल के बाद सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम का पूरी तरह से लाभ मरीजों को मिल सकेगा।

यहां गायब हुआ ऑक्सीजन सिलेंडर

kgmu starts its centralised oxygen system
केजीएमयू में एक बार फिर ऑक्सीजन सिलेंडर का टोटा हो गया है। विभाग के ऑक्सीजन प्लांट से जितने सिलेंडर रिफिलिंग के लिए दिए गए थे, उनमें से सिर्फ 30 फीसदी ही वापस आए।

एक-एक कर गायब हुए सिलेंडर जब बड़ी संख्या में गायब हुए तो प्लांट चलाने में दिक्कत शुरू हो गई। इसके बाद नियोनेटल और पीडियाट्रिक आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई में दिक्कत आई तो मामला विभागाध्यक्ष के पास पहुंचा।

अब 100 से ज्यादा सिलेंडर को ढूंढने की कवायद शुरू हुई है। केजीएमयू चिकित्सालय प्रशासन पर ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता बनाए रखना भारी पड़ रहा है।

इसी माह 100 सिलेंडर चोरी होने की रिपोर्ट चौक थाने में लिखायी गई थी। अब बाल रोग विभाग के ऑक्सीजन प्लांट से सिलेंडर गायब होने की जानकारी मिलने से हड़कंप मचा हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि सिलेंडर भरने के लिए ले जाने वाली कंपनी ने ही इसमें गड़बड़ी की है। जितने सिलेंडर खाली जाते थे, लौटकर उससे कुछ कम ही आते थे। इस तरह से ऑक्सीजन प्लांट में किल्लत शुरू हो गई।
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