लखनऊ के इस हॉस्पिटल में तीन घंटे में मोटापा दूर, जानें खर्चा
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केजीएमयू के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मोटापे से परेशान एक महिला को नई जिंदगी दी है। मात्र तीस हजार रुपये के खर्च में चिकित्सकों ने मेटाबोलिक बेरियाट्रिक सर्जरी से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाईपरटेंशन, ब्लड कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित महिला को राहत दिला दी है।
लखनऊ निवासी 40 वर्षीय महिला का वजन लगातार बढ़ने से 104 किलो हो गया। केजीएमयू के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. अभिजीत चंद्रा ने बताया कि ओपीडी में जांच की गई तो मोटापे की वजह से उसको हाई ब्लड प्रेशर, हाईपरटेंशन, मधुमेह और ब्लड कोलेस्ट्रॉल की समस्या पाई गई।
अल्ट्रासाउंड जांच में पता चला कि उसके पित्त की थैली में स्टोन है। इसे देखते हुए मरीज का ऑपरेशन करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि वो कई तरह की गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने लेप्रोस्कोपिक स्लीव गेस्ट्रेक्टोमी (मेटाबोलिक बेरियाट्रिक सर्जरी) प्लान की।
इस सर्जरी के तहत मरीज के पेट की क्षमता को कम किया गया जिससे उसको भूख कम लगेगी। पेट की क्षमता कम होने से मोटापे को बढ़ाने वाले हॉरमोन्स को भी काफी हद तक कम कर दिया गया जिससे उसके मोटापे पर नियंत्रण हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस सर्जरी में करीब तीन घंटे का समय लगा और ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह ठीक है। मरीज का ऑपरेशन इसी 17 फरवरी को किया गया था। अब मरीज की दूसरी बीमारियां भी पूरी तरह ठीक हो जाएंगी।
डॉ. अभिजीत चंद्रा ने बताया कि पित्त की थैली से मौजूद स्टोन को भी निकाला गया। स्टोन होने से मोटापे की समस्या के साथ पेट में गैस, दर्द और भूख न लगने के साथ पाचन तंत्र में दिक्कत होने लगती है।
प्राइवेट अस्पतालों में आता है तीन से चार लाख रुपये का खर्च
प्राइवेट संस्थानों में मोटापे से परेशान लोगों की सर्जरी के लिए औसतन तीन से चार लाख रुपये लिए जाते हैं, जबकि केजीएमयू में मात्र तीस हजार रुपये खर्च होते हैं। इतना ही नहीं सर्जरी में भी कम समय लगता है।
सर्जरी विभाग के डॉ. अभिजित चंद्रा के साथ डॉ. विशाल गुप्ता, डॉ. प्रदीप जोशी, डॉ. साकेत कुमार, डॉ. विवेक के साथ एनेस्थेसिया के डॉ. परवेज, डॉ. चेतना और डॉ. एहसान सिद्दीकी की टीम के साथ अन्य पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
सर्जरी के बाद अनुमान है कि एक महीने के भीतर 20 से 25 किलो वजन कम हो जाएगा। हालांकि इस दौरान मरीज को घूमने-टहलने के साथ नियमित व्यायाम करना होगा जिससे उसके शरीर का संतुलन नियमित रहे और किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या न रहे।