नेपाल से लौटे डॉक्टरों ने सुनाई दहशत की कहानी
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दिन में तीन से चार बार डोलती धरती, न सिर छिपाने की जगह न खाने-पीने की सुविधा। दहशत के बीच भी अपने काम को बखूबी अंजाम दिया केजीएमयू के डॉक्टरों की टीम ने।
करीब एक हजार से अधिक मरीजों को इलाज मुहैया कराने और 50 से अधिक घायलों की सर्जरी उन्होंने की। डॉक्टरों की नई टीम वहां पहुंच चुकी है, अब केजीएमयू के डॉक्टर सोमवार दोपहर तक लौट आएंगे।
केजीएमयू प्रशासन ने बताया कि रविवार देर शाम चिकित्सकों की टीम गोरखपुर पहुंच चुकी है। वहां रात को विश्राम करने के बाद टीम सोमवार सुबह चलकर दोपहर तक केजीएमयू पहुंचेगी।
डॉक्टरों ने बस में गुजारी कई रात
डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि पूरी टीम ने जीवन में इतने भूकंप के झटके नहीं देखे, जितने नेपाल में। रोज चार से पांच झटके आ रहे थे। तेज आवाज आती और बिल्डिंग्स हिल जातीं।
बचे खुचे खंडहर गिरने लगते। इसी के चलते सभी लोगों ने रात बस में ही गुजारी। दो टीमों ने रिमोट एरिया में ट्रैकिंग कर प्रभावित गांव तक पहुंचे। वहां से मरीजों को फर्स्ट एड देते, गंभीर मरीजों को दाधिम के जिला अस्पताल पहुंचते थे।
उन्होंने बताया कि काफी हद तक मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा चुका है। कई अन्य चिकित्सकों की टीमें भी वहां पहुंच गई है। इसीलिए वापस लौटने का फैसला किया गया।