सुहागिनों ने की पति के दीर्घायु की कामना, परंपरागत तरीके से मनाया गया करवा चौथ
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करवा चौथ पर्व शनिवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से निर्जल व्रत रही सुहागिनों ने रात 8 बजे बाद चांद का दीदार कर करवा चौथ का पूजन शुरू किया। पूजन के बाद परिवार संग उगते चंद्र को अर्घ्य देकर पति की दीर्घायु मांगी। उसके बाद पति ने करवे से पानी पिलाकर व्रत का पारण कराया।
निर्जला व्रती रही महिलाएं परिवार के साथ शाम 7:30 बजे छतों पर पहुंचकर चंद्रोदय का इंतजार शुरू कर दिया। जैसे ही चांद के दीदार हुए आरती उतारकर चौथ माई की कथा सुनी और अखंड सौभाग्य का वर मांगा।
व्रती महिलाओं ने चांद को मिठाई, चूरे, बताशे, खील, खिलौने, चावल के आटे और दूध की मिठाई का भोग लगाया। रात करीब 8 बजे के बाद छलनी से चांद को देख, जल से भरे करवे में से उगते चांद को अर्घ्य दिया।
वहीं, पुराने लखनऊ में महिलाओं ने समूह में चौथ माई की कथा सुनी। सिसगोमती, ट्रांसगोमती के तमाम इलाकों में चांद के नजर आते ही बच्चों संग बड़ों ने आतिशबाजी भी की। पं. कृष्णकांत ने बताया कि अब जाड़ा जोर पड़ेगा। लोक मान्यता है करवे की टोटी से जाड़ा निकलता है।
महिलाओं ने सामूहिक रूप से किया पूजन, मनाया करवा चौथ
करवाचौथ पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने बहू रेशू भाटिया समेत सिंगार नगर कॉलोनी की अन्य महिलाओं को चौथ पर आशीर्वाद दिया। सभी ने थाली बांटाना रस्म में हिस्सा लिया एवं करवाचौथ की कथा भी सुनी। सिंध यूथ क्लब सोसाइटी के कार्यक्रम में 151 जोड़ो ने सामूहिक चंद्र पूजन व व्रत का पारण किया। उधर, मनकामेश्वर मंदिर में भी कुछ व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।