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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे : निर्माण कार्य में लापरवाही, सड़क परियोजना से हटाए गए तीन अधिकारी
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उखड़ी सड़क का वीडियो हुआ था वायरल।
लखनऊ। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 64वें किलोमीटर पर सड़क की ऊपरी परत खिसकने के मामले में एनएचएआई ने बड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों को परियोजना से हटाने के साथ ही अगले दो वर्षों तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की किसी भी परियोजना में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें विवेक कुमार गुप्ता (प्रोजेक्ट मैनेजर-सह-डीजीएम हाईवे), सुरेंद्र कुमार (टीम लीडर, इंडिपेंडेंट इंजीनियर), यतेंद्र कुमार (रेसिडेंट इंजीनियर) शामिल है।
26 जुलाई को नियमित गश्त के दौरान किलोमीटर 64 के पास बने पुल के डेक स्लैब के ऊपर सड़क की सतह में फिसलन देखी गई थी। एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की तकनीकी टीम ने पाया कि यह समस्या केवल सड़क की ऊपरी परत तक ही सीमित थी। मानसून के दौरान लगातार वाहनों की आवाजाही, नमी और जोड़ों से पानी के रिसाव से यह स्थिति उत्पन्न हुई।
एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, पुल की नींव और मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और निर्माण में कोई संरचनात्मक कमी नहीं है। क्षतिग्रस्त बिटुमिंस परत को हटाकर नई परत बिछा दी गई है। साथ ही, भविष्य में बारिश का पानी रुकने से बचाने के लिए जॉइंट सीलिंग और ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार किया गया है।
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26 जुलाई को नियमित गश्त के दौरान किलोमीटर 64 के पास बने पुल के डेक स्लैब के ऊपर सड़क की सतह में फिसलन देखी गई थी। एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की तकनीकी टीम ने पाया कि यह समस्या केवल सड़क की ऊपरी परत तक ही सीमित थी। मानसून के दौरान लगातार वाहनों की आवाजाही, नमी और जोड़ों से पानी के रिसाव से यह स्थिति उत्पन्न हुई।
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एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, पुल की नींव और मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और निर्माण में कोई संरचनात्मक कमी नहीं है। क्षतिग्रस्त बिटुमिंस परत को हटाकर नई परत बिछा दी गई है। साथ ही, भविष्य में बारिश का पानी रुकने से बचाने के लिए जॉइंट सीलिंग और ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार किया गया है।
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