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विकास दुबे एनकाउंटर की न्यायिक जांच की याचिका खारिज, कहा-सरकार ने पहले ही आयोग का गठन किया
Mon, 13 Jul 2020 10:45 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 13 Jul 2020 10:45 PM IST
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लखनऊ हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गैंगेस्टर विकास दुबे के पुलिस एनकाउंटर की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाने की याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति केएस पवार ने सोमवार को यह फैसला एक स्थानीय वकील की जनहित याचिका पर, याची की ओर से इसे वापस लेने के आधार पर सुनाया।
प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने कहा कि सरकार ने पहले ही हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शशिकांत अग्रवाल का न्यायिक आयोग गठित कर दिया है। एसआईटी प्रकरण की जांच कर रही है।
ऐसे में याचिका महत्वहीन और खारिज करने लायक है। उन्होंने इससे संबंधित सरकार की अधिसूचना भी पेश की, जिसका कोर्ट ने अवलोकन किया।
इस पर याची नंदिता भारती ने याचिका को यह कहते हुए वापस लेने की गुजारिश की कि उसे नई याचिका दाखिल करने की इजाजत दी जाए। कोर्ट ने याचिका खारिज कर भविष्य में जरूरत पड़ने पर नई पीआईएल दाखिल करने को कहा है।
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प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने कहा कि सरकार ने पहले ही हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शशिकांत अग्रवाल का न्यायिक आयोग गठित कर दिया है। एसआईटी प्रकरण की जांच कर रही है।
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ऐसे में याचिका महत्वहीन और खारिज करने लायक है। उन्होंने इससे संबंधित सरकार की अधिसूचना भी पेश की, जिसका कोर्ट ने अवलोकन किया।
इस पर याची नंदिता भारती ने याचिका को यह कहते हुए वापस लेने की गुजारिश की कि उसे नई याचिका दाखिल करने की इजाजत दी जाए। कोर्ट ने याचिका खारिज कर भविष्य में जरूरत पड़ने पर नई पीआईएल दाखिल करने को कहा है।
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