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जेपीएनआईसी विवाद: ताज होटल में ठहरे लोगों को पैदल ढोना पड़ा सामान, एक किमी तक चप्पे-चप्पे में मौजूद रही पुलिस

Sat, 12 Oct 2024 08:02 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 12 Oct 2024 08:02 AM IST
सार

JPNIC controversy: जेपीएनआईसी के एक किमी के दायरे में पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात में ही बैरिकेडिंग करवा दी थी। राहगीर घर से निकले तो उन्हें जगह-जगह रोका गया और दूसरे मार्ग से जाने के लिए कहा गया।

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JPNIC controversy: People staying in Taj Hotel had to carry their luggage on foot, police remained present eve
होटल का स्टाफ सामान लेकर रोड पर चलता हुआ। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जेपीएनआईसी न जा सकें, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार सुबह से गोमतीनगर इलाके में यातायात परिवर्तित किया था। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी मुस्तैद थे। डायवर्जन से राहगीर परेशान हुए। पुलिस किसी को भी प्रतिबंधित मार्ग की ओर नहीं जाने दे रही थी। इसकी वजह से होटल ताज में ठहरे लोगों को भी समस्या हुई। यात्रियों को पैदल ही होटल से सामान लेकर निकलना पड़ा।

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सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आए यात्रियों को हुई। होटल में ठहरे लोग टैक्सी और ऑटो से समतामूलक चौराहे पर पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने रोक लिया। यात्रियों ने बताया कि उनकी बुकिंग है और वे होटल जा रहे हैं, लेकिन उन्हें वाहन से आगे नहीं जाने दिया गया। यात्रियों के निवेदन पर उन्हें पैदल जाने की अनुमति दी गई। वहीं, होटल से चेक आउट करने वाले यात्रियों के साथ भी यही समस्या आई। यात्री पैदल ही सामान लेकर मुख्य मार्ग तक आए।
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जेपीएनआईसी के एक किमी के दायरे में पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात में ही बैरिकेडिंग करवा दी थी। राहगीर घर से निकले तो उन्हें जगह-जगह रोका गया और दूसरे मार्ग से जाने के लिए कहा गया। इसकी वजह से राहगीरों को लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
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1090 चौराहा से गांधी सेतु, सामाजिक परिवर्तन स्थल चौराहा के रास्ते गोमती नगर जाने वाले यातायात को 1090 से उद्यान चौराहा की ओर नहीं जाने दिया गया। लोगों को 1090 चौराहा से समता मूलक, डिगडिगा (लोहिया पार्क) चौराहा से उद्यान चौराहा होकर जाना पड़ा। पुलिस ने उद्यान चौराहा से 1090 के बीच आवागमन प्रतिबंधित कर दिया था। यही नहीं, सामाजिक परिवर्तन स्थल चौराहे की तरफ एवं मरीन ड्राइव की ओर भी आवागमन बंद था। सामाजिक परिवर्तन से उद्यान चौराहा वाया सामाजिक परिवर्तन स्थल ढाल, ताज अंडरपास के दोनों साइड से उद्यान चौराहे की तरफ भी किसी तरह के यातायात को आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।

अखिलेश को जेपीएनआईसी जाने से रोकने पर सड़क पर उतरी सपा

JPNIC controversy: People staying in Taj Hotel had to carry their luggage on foot, police remained present eve
अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला।

 सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) जाने से रोकने पर सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। अखिलेश के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के बाहर पुलिस ने जबर्दस्त बैरिकेडिंग की थी। इस पर वहां कार्यकर्ताओं और नेताओं का हुजूम इकट्ठा हो गया। अखिलेश ने आवास से निकलकर जीप में रखी जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही एलान किया कि जब पुलिस का घेरा हटेगा, तब जेपीएनआईसी जाकर श्रद्धांजलि देंगे।

संपूर्ण क्रांति के जनक जय प्रकाश नारायण की 11 अक्तूबर को जयंती के अवसर पर लखनऊ हाई वोल्टेज राजनीतिक घटनाक्रम की गवाह बनी। गोमती नगर स्थित जेपीएनआईसी पर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को ही अभेद्य बैरिकेडिंग कर दी थी। अखिलेश बृहस्पतिवार देर रात ही जेपीएनआईसी के गेट पर पहुंचे थे और उन्होंने बैरिकेंडिंग करने पर सरकार पर हमला बोला। इतना ही नहीं, अखिलेश के शुक्रवार को जेपीएनआईसी जाकर श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया। बता दें कि पिछले साल अखिलेश जेपीएनआईसी का गेट फांदकर जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने गए थे।
 

अखिलेश के घर के बाहर बैरिकेडिंग 

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अखिलेश ने किया मूर्ति पर माल्यार्पण। - फोटो : अमर उजाला।
इससे सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने विक्रमादित्य मार्ग स्थित अखिलेश के निजी आवास के बाहर भी शुक्रवार भोर में बैरिकेडिंग कर दी। वहां बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए। इस पर अखिलेश ने एक्स के जरिये कहा कि भाजपा ने न सिर्फ श्रद्धांजलि के रास्ते रोके हैं बल्कि पीडीए के रास्ते भी रोके हैं। इसे उन्होंने आरक्षण और किसानों का रास्ता रोकना भी करार दिया। इसी बीच बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता व नेता अखिलेश के आवास के बाहर इकट्ठा हो गए।

प्रातः 10:30 बजे लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त पुलिस आयुक्त अमित वर्मा, अखिलेश से मिलने आवास के अंदर गए। इसके बाद खुली जीप में जेपी की प्रतिमा रखकर उसे सपा अध्यक्ष के आवास से बाहर लाया गया। करीब 11 बजे अखिलेश आवास से निकले और जीप को अस्थायी मंच का रूप दे दिया गया। उस पर चढ़कर अखिलेश ने जेपी को श्रद्धांजलि दी।

 

त्योहार न होता तो बल्लियां हमें रोक न पाती

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प्रतिमा के सामने सपा कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला।
भाजपा पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर शुक्रवार को नवमी का त्योहार न होता तो ये बल्लियां (बैरिकेडिंग) समाजवादियों को जेपीएनआईसी जाने से नहीं रोक सकती थी। इस अवसर पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, विधानसभा परिषद में नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव, सांसद आरके चौधरी, राजेंद्र चौधरी, वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी, सपा के पूर्व एमएलसी उदयवीर और सुनील साजन भी मौजूद रहे।
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