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बैंक से धोखाधड़ी कर 12 लाख हड़पने वाले जीजा-साले गये जेल, प्लाट को बंधक रख ले चुके थे 70 लाख का लोन

Mon, 18 Jan 2021 07:23 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 18 Jan 2021 07:23 PM IST
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Jija-sailed jail, who had grabbed 12 lakhs after cheating from the bank, had taken a loan of 70 lakhs as a mortgage to the plot
पुलिस की गिरफ्त में दोनों शातिर। - फोटो : अमर उजाला
बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में फर्जी दस्तावेज लगाकर 12 लाख रुपये का लोन कराने और रकम को हड़पने वाले जीजा-साले को गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों शातिर जालसाज हैं। 2012 में भी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 70 लाख रुपये का लोन कराया था। जिसे भुगतान नहीं किया। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।
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प्रभारी निरीक्षक  गोमतीनगर विस्तार अखिलेश चंद्र पांडेय के मुताबिक चिनहट देवां रोड नौबस्ता कला निवासी सभापति मिश्रा और कृष्णानगर के भोलाखेड़ा निवासी उसका जीजा शिव कुमार मिश्रा ने बैंक से धोखाधड़ी कर 12 लाख रुपये हड़प लिये। पुलिस के मुताबिक सभापति मिश्रा ने 2012 में एक प्लॉट बंधक रखकर कैंट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 70 लाख रुपये का लोन टाइल्स के कारोबार के लिए लोन लिया। इस रकम को समय से अदा नहीं कर सके तो बैंक  ने खाते को एनपीए कर दिया। साथ ही सभापति मिश्रा को काली सूची में डाल दिया।
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इसके बाद इन जालसाजों ने उसी जमीन की रजिस्ट्री कागजात को फर्जी तरीके से बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में बंधक रखकर 12 लाख रुपये लोन करा लिये। इस बैंक से भी लोन होने के कुछ दिन बाद ही जालसाजों ने किस्त देनी बंद कर दी। जिसके बाद जांच शुरू हुई। जिसमें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसी बीच पुलिस ने रविवार सुबह दोनों जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने भी इन दोनों जालसाजों की शिकायत की है। जिस पर जांच की जा रही है।
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बैंककर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक इस जालसाजी के मामले में बैंक के कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं। बैंक ने निरीक्षण किया तो पता चला कि प्लॉट और दुकान दोनों मौके पर होने की रिपोर्ट दी गई। इसके बाद जब बैंक अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की तो प्लॉट और दुकान किसी और के नाम का मिला। इसकी जानकारी होने पर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक इन जालसाजों के लोन के लिए गलत तरीके से रिपोर्ट लगाने वाले बैंक कर्मियों की कुंडली खंगाली जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।
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