पढ़िए, जयापुर में क्या बदला, जब मोदी ने कही ‘मन की बात’
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‘नशे से सेहत थोड़े न बनती है। घर खराब कर देती है। ठीक ही तो कह रहे हैं। इसके फेर में कितने घर बरबाद हो जाते हैं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में रविवार को रेडियो पीएम के ‘मन की बात’ सुनने के बाद लोग कुछ ऐसे ही जोश में भर गए।
मोदी के मन की बात उनके दिलों को इस कदर छू गई कि सबने नशे से दूर रहने की शपथ ली। तय किया कि पहले वे गांव में हर तरह के नशे को दूर भगाएंगे और फिर आसपास के लोगों को नशाखोरी त्यागने के लिए जगाएंगे।
ठंड और कोहरे के बावजूद सुबह 10:30 बजे प्राथमिक विद्यालय में स्कूली छात्रों के साथ-साथ बड़े-बुजुर्ग भी जुटने लगे। जैसे ही घड़ी की छोटी सूई 11 और बड़ी 12 पर पहुंची, हाल में खामोशी छा गई।पीएम के मन की बात के एक-एक शब्द को लोग पी जाना चाहते थे। इसमें कोई खलल डालता तो बुजुर्ग उसे डांट देते। पीएम ने नशे को डिजास्टर बताया। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।
'ठीक कहत हउवन का रखल'
नशे की लत में पड़ने के बाद जीवन कैसे तबाह होता है और परिवार पर क्या गुजरती है, सब कुछ बयां किया। उनकी मार्मिक अपील सुनते ही गांव के एक बुजुर्ग बोल पड़े ‘ठीके कहत हउवन का रखल हौ एह पानी कऽ बोतल में, बाकी केतना आदमी पी के मर गइलन।‘
इतना सुनना था कि सब कह पड़े कि ‘एहके आसपास क इलाका से खत्म करा’। उसके बाद लोगों ने संकल्प लिया कि वे आज से नशा नहीं करेंगे।
प्रधान के बेटे राहुल सिंह पटेल कहते हैं कि पीएम ने जयापुर को गोद लिया है। उनकी हर बात पर अमल करना हमारा फर्ज है। जयापुर के लोगों ने नशाखोरी के खिलाफ आसपास के गांव में भी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
पीएम को सुनने से पहले समग्र विकास समिति ने सार्वजनिक स्थानों की सफाई की। आएसएस और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर तुलसी का पौधा और ओम ध्वज वितरित किया। गायत्री परिवार के सदस्यों ने एक्यूप्रेशर विधि से लोगों का इलाज किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी और नारायण सिंह पटेल सहित तमाम लोग मौजूद रहे