आजम के 'जौहर' से अफसरों के हाथ-पांव फूले!
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रामपुर के मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान की लीज व रेंट तय करने में संबंधित विभाग घबरा रहे हैं। यह संस्थान कैबिनेट मंत्री मो. आजम खां के ट्रस्ट को दिया जाना है।
अल्पसंख्यक विभाग ने राजस्व विभाग को लीज की अवधि व रेंट तय करने के लिए फाइल भेजी थी। लेकिन उन्होंने इस पर अपनी कोई राय व्यक्त नहीं की। अब अल्पसंख्यक विभाग खुद इसका प्रस्ताव तैयार करवा रहा है।
प्रदेश सरकार ने आजम खां को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन रामपुर में धूमधाम से मनाने के बदले यह शोध संस्थान रिटर्न गिफ्ट के रूप में दिया था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह फैसला कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये 20 नवंबर को ही कर दिया था। लेकिन इसकी लीज कितने वर्षों की होगी और उसका लीज रेंट क्या होगा यह अभी तक तय नहीं हो सका है।
आजम बना रहे हैं दबाव
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग ने लीज रेंट तय करने के लिए यह फाइल राजस्व विभाग के पास भेजी थी। लेकिन राजस्व विभाग ने भी इस पर कोई राय देने के बजाय फाइल वापस कर दी।
दरअसल, यह मामला आजम खां से जुड़ा होने के कारण राजस्व विभाग भी इसमें फंसना नहीं चाहता। इस कारण उसने कोई राय नहीं दी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी भी इसमें अपनी ओर से कलम फंसाना नहीं चाहते हैं।
वहीं, मंत्री आजम खां शोध संस्थान देने का ऑर्डर जल्द जारी करने का दबाव बना रहे हैं। इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। उन्हें पता है कि यह मामला आज नहीं तो कल विवाद का कारण बनेगा।
अधिकारियों ने तय कर लिया कि इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के यहां ले जाकर सुलझाया जाए। अब इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री के यहां भेजा जा रहा है। वहीं से इस शोध संस्थान का लीज रेंट व लीज की अवधि तय होगी।