{"_id":"80b1924ebf7fd40759d257e9d3f3f636","slug":"ivrs-will-track-teachers-attendance-in-primary-schools-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरूजी ने गोला मारा तो साथ में नपेंगे प्रिसिंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरूजी ने गोला मारा तो साथ में नपेंगे प्रिसिंपल
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 Dec 2014 10:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को अब गोला मारना भारी पड़ेगा। अब उनकी हाजिरी इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) से जांची जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम से प्रतिदिन स्कूलों में प्रधानाध्यापक को फोन करके पूछा जाएगा कि कितने शिक्षक आए हैं? इसके बाद औचक निरीक्षण कराया जाएगा और शिक्षकों के गायब होने पर संबंधित शिक्षकों के साथ ही प्रधानाध्यापक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
यह व्यवस्था नए सत्र से लागू करने की तैयारी है प्रदेश में 1,13,627 प्राइमरी व 45,749 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। प्राइमरी में 2,62,001 और उच्च प्राइमरी में 1,06,089 शिक्षक हैं।
विज्ञापन
इतने अधिक शिक्षक होने के बावजूद परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई चौपट है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले दिनों राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था।
इस दौरान बच्चों से सवाल करने पर पता चला कि पढ़ाई का स्तर काफी खराब है और शिक्षक भी लगातार स्कूल नहीं आते। बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि शिक्षकों की उपस्थिति बनाए रखने के लिए आईवीआरएस लागू कर दिया जाए। मौजूदा समय शिक्षकों की हाजिरी के लिए स्कूलों में रजिस्टर रखा गया है।