फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   it's not easy for the schools to complete syllabus according to monthly academic calender

आसान नहीं है स्कूलों को मासिक शैक्षिक पंचांग के अनुसार पाठ्क्रम पूरा करना

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 01:28 AM IST
विज्ञापन
it's not easy for the schools to complete syllabus according to monthly academic calender
लखनऊ। यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के विभिन्न विषयों के मासिक शैक्षिक पंचांग जारी कर दिया है। इसमें हर महीने पूरा कराए जाने वाले पाठ्यक्रम, सितंबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा, जनवरी में बोर्ड परीक्षा का पाठ्यक्रम खत्म करने, फरवरी में बोर्ड परीक्षा, मार्च में गृह परीक्षा आयोजित करने और हर माह मासिक परीक्षा आयोजित करने की जानकारी दी गई है। जबकि लॉकडाउन के चलते डेढ़ महीने से शिक्षण संस्थान बंद हैं और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित है। ऐसे में लगता है कि मासिक शैक्षिक पंचांग शिक्षकों के बिना विचार-विमर्श किए ही लागू कर दिया गया है।   शैक्षिक पंचांग को लेकर शिक्षकों ने आपत्ति भी जताई है। उनका कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा 75 से 80 प्रतिशत छात्रों तक पहुंच नहीं पाई है। संसाधनों की भारी कमी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की समस्या ऑनलाइन शिक्षा में रुकावट है। हकीकत यह है कि यूपी बोर्ड की ऑनलाइन पढ़ाई भी 20 अप्रैल से प्रारंभ हुई है। वह भी सभी छात्रों को मुहैया नहीं हो पा रही है। वही, सभी विषयों के शिक्षक ऑनलाइन नहीं पढ़ा रहे। मासिक पंचांग के अनुसार शिक्षक अप्रैल और मई में मासिक परीक्षा कैसे करा पाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि क्योंकि सभी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं मिल रही है ऐसे में जब स्कूल खुलेगा तो पाठ्यक्रम को दोबारा पढ़ाना होगा। 1300 में 706 छात्र ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि उनके यहां 1300  छात्र हैं इनमें से 706 छात्र ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े हैं। इनमें से भी सभी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा मुहैया नहीं हो पा रही है। संसाधन और महंगे इंटरनेट पैक रोड़े अटका रहा है। 189 छात्रों को तो शिक्षकों ने ही डाटा पैक रिचार्ज कराया है। स्कूल खोलने के बाद पाठ्यक्रम दुबारा पढ़ाना होगा राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज के प्रवक्ता नित्य प्रकाश सिंह ने बताया कि बहुत कम छात्र ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ रहे हैं। उनके पास स्मार्टफोन नहीं है। स्कूल खोलने के बाद पाठ्यक्रम दुबारा पढ़ाना होगा। ऑनलाइन शिक्षा का बुरा हाल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा पर स्कूलों के शिक्षकों से व्यापक स्तर पर बात की गई। इसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि केवल 20 से 30 प्रतिशत छात्र ही ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठा पा रहे हैं। इसको लेकर संघ शासन को पत्र भी भेजा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed