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सिंचाई मंत्री के छापे में गैरहाजिर मिले अधिकारी और कर्मचारी, फटकार लगाकर दिए ये निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 16 May 2018 01:23 PM IST
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सिंचाई एवं जल संसाधन मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया
- फोटो : amar ujala
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को सिंचाई एवं जल संसाधन मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 69 अधिकारी और कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इस पर मंत्री ने गैरहाजिर कर्मचारियों से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए।
जवाब संतोषजनक न होने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इस दौरान दफ्तर में गंदगी मिलने पर उन्होंने फटकार लगाई।सिंचाई मंत्री सुबह 10 बजे ही सिंचाई मुख्यालय पहुंचे और मेन गेट बंद करवा दिया। सुरक्षा कर्मियों को हिदायत दी कि जांच पूरी होने तक लेट आने वाला कोई भी अधिकारी व कर्मचारी अंदर न आने पाए।
उन्होंने मुख्यालय स्थित दफ्तरों का मुआयना किया। कहीं फाइलों पर धूल जमी मिली तो कहीं पान की पीक से सीढ़ियां व कोने गंदे मिले। इस पर मंत्री ने थूकते पकड़े जाने वालों से भारी जुर्माना वसूलने को कहा। 15 जून तक बाढ़ से निपटने की तैयारियों को हर हाल में पूरा करने की हिदायत देते हुए उन्होंने बाढ़ चौकियों, सांप काटने की दवाओं की व्यवस्था और पशु एवं जन-धन हानि को रोकने के सभी जरूरी तैयारियां समय रहते करने को कहा।
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उन्होंने कहा कि अगर मुख्यालय पर ही अधिकारी व कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं आएंगे तो बाढ़ तैयारियों की मॉनिटरिंग ठीक से नहीं हो पाएगी। इस दौरान धर्मपाल ने कहा कि कार्यशैली में सुधार पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। निरीक्षण के समय प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा भी मौजूद थे।
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जवाब संतोषजनक न होने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इस दौरान दफ्तर में गंदगी मिलने पर उन्होंने फटकार लगाई।सिंचाई मंत्री सुबह 10 बजे ही सिंचाई मुख्यालय पहुंचे और मेन गेट बंद करवा दिया। सुरक्षा कर्मियों को हिदायत दी कि जांच पूरी होने तक लेट आने वाला कोई भी अधिकारी व कर्मचारी अंदर न आने पाए।
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उन्होंने मुख्यालय स्थित दफ्तरों का मुआयना किया। कहीं फाइलों पर धूल जमी मिली तो कहीं पान की पीक से सीढ़ियां व कोने गंदे मिले। इस पर मंत्री ने थूकते पकड़े जाने वालों से भारी जुर्माना वसूलने को कहा। 15 जून तक बाढ़ से निपटने की तैयारियों को हर हाल में पूरा करने की हिदायत देते हुए उन्होंने बाढ़ चौकियों, सांप काटने की दवाओं की व्यवस्था और पशु एवं जन-धन हानि को रोकने के सभी जरूरी तैयारियां समय रहते करने को कहा।
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उन्होंने कहा कि अगर मुख्यालय पर ही अधिकारी व कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं आएंगे तो बाढ़ तैयारियों की मॉनिटरिंग ठीक से नहीं हो पाएगी। इस दौरान धर्मपाल ने कहा कि कार्यशैली में सुधार पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। निरीक्षण के समय प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा भी मौजूद थे।