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रायबरेली : बंदियों से उठक-बैठक कराने की जांच शुरू, अफसरों से पूछताछ, बयान दर्ज
Thu, 20 Jun 2019 09:48 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 20 Jun 2019 09:48 PM IST
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जिला कारागार रायबरेली
- फोटो : amar ujala
जिला कारागार में बंदियों से उठक-बैठक कराने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रकरण की जांच शुरू हो गई है। लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय बुधवार देर रात यहां पहुंचे। उन्होंने बुधवार रात और बृहस्पतिवार दिनभर हर बिंदु पर पड़ताल की और जानने की कोशिश की कि जेल की सुरक्षा में किस स्तर पर लापरवाही हुई है।
बंदियों के न सिर्फ बयान दर्ज किए, बल्कि सुरक्षा में चूक पर अफसरों से भी सवाल किए। सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया लापरवाही के चलते जेल में घटना होना माना जा रहा है। अधीक्षक ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट विभागीय उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
गौरतलब है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के अंदर बंदियों से उठक-बैठक कराई जा रही थी। यही नहीं एक दूसरे को थप्पड़ मरवाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद डीएम नेहा शर्मा ओर एसपी सुनील कुमार सिंह ने जेल में छापा मारा था। छापे के दौरान गांजा, दो मोबाइल, सिम आदि सामग्री बरामद हुई थी।
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बंदियों के न सिर्फ बयान दर्ज किए, बल्कि सुरक्षा में चूक पर अफसरों से भी सवाल किए। सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया लापरवाही के चलते जेल में घटना होना माना जा रहा है। अधीक्षक ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट विभागीय उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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गौरतलब है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के अंदर बंदियों से उठक-बैठक कराई जा रही थी। यही नहीं एक दूसरे को थप्पड़ मरवाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद डीएम नेहा शर्मा ओर एसपी सुनील कुमार सिंह ने जेल में छापा मारा था। छापे के दौरान गांजा, दो मोबाइल, सिम आदि सामग्री बरामद हुई थी।
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डीआईजी जेल ने प्रकरण की जांच लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय को सौंपी थी। जेल अधीक्षक देर रात ही जांच करने के लिए जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने बुधवार रात और बृहस्पतिवार को दिनभर कई पहलुओं पर जांच की। जेलर ज्ञान प्रकाश समेत अन्य जेल अफसरों, सिपाहियों से पूरे प्रकरण से एक-एक करके बयान दर्ज किए।
इसके बाद उठक-बैठक कराने वाले बंदी आकाश यादव और उठक-बैठक करने वाले बंदी दिलीप, धर्मेंद्र और भास्कर के भी बयान दर्ज किए। प्रधान देशराज को खुश करने के लिए आकाश यादव ने बंदियों से उठक-बैठक कराई थी। कुल मिलाकर जेल अफसरों, सिपाहियों और बंदियों समेत करीब 20-25 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जेलर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि अधीक्षक आरएन पांडेय ने यहां पहुंचकर जांच की। बंदियों के बयान दर्ज किए।
इसके बाद उठक-बैठक कराने वाले बंदी आकाश यादव और उठक-बैठक करने वाले बंदी दिलीप, धर्मेंद्र और भास्कर के भी बयान दर्ज किए। प्रधान देशराज को खुश करने के लिए आकाश यादव ने बंदियों से उठक-बैठक कराई थी। कुल मिलाकर जेल अफसरों, सिपाहियों और बंदियों समेत करीब 20-25 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जेलर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि अधीक्षक आरएन पांडेय ने यहां पहुंचकर जांच की। बंदियों के बयान दर्ज किए।
गेट पर तलाशी तो अंदर कैसे पहुंचा मोबाइल
जेल गेट पर अंदर जाने वाले लोगों की तलाशी ली जाती है। मोबाइल तक बाहर रखा दिया जाता है। जांच करने पहुंचे जेल अधीक्षक ने सवाल पूछा कि तलाशी के बाद भी जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंच गया। जेल अधीक्षक के इस सवाल पर अफसर सकते में आ गए। अपने-अपने तर्क देने लगे। अधीक्षक ने यह भी जानकारी की कि गांजा आदि सामान कैसे पहुंच गया। जेल अफसर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
आदेश आने पर दूसरी जेल शिफ्ट होगा आकाश
जेलर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि आदेश आने पर उठक-बैठक लगवाने वाले बंदी आकाश यादव को दूसरी जेल शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रकरण के बाद सतर्कता बरती जा रही है। बैरकों को चेक करके बंदियों की तलाशी कराई जा रही है, ताकि किसी तरह की सुरक्षा में चूक न होने पाए।
आदेश आने पर दूसरी जेल शिफ्ट होगा आकाश
जेलर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि आदेश आने पर उठक-बैठक लगवाने वाले बंदी आकाश यादव को दूसरी जेल शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रकरण के बाद सतर्कता बरती जा रही है। बैरकों को चेक करके बंदियों की तलाशी कराई जा रही है, ताकि किसी तरह की सुरक्षा में चूक न होने पाए।