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पीजीआई में बच्ची की मौत मामले में जांच कमेटी गठित
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पीजीआई में बच्ची की मौत मामले में जांच कमेटी गठित
बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों से मांगा गया जवाब
पीजीआई में असाध्य कार्ड में पैसा खत्म होने पर बच्ची का इलाज बंद होने से मौत मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने पीजीआई से जवाब तलब किया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। निदेशक ने सीएमएस के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई है। वहीं बच्ची का उपचार करने वाले डॉक्टरों से भी जवाब तलब किया गया है।
बलिया की मुस्कान (13) प्लास्टिक एनीमिया से ग्रसित थी। पीजीआई के हिमेटोलॉजी विभाग से चार माह से उपचार चल रहा था। बच्ची का असाध्य कार्ड पर मुफ्त इलाज चल रहा था। तीमारदार रोहित का आरोप है कि असाध्य कार्ड में पैसा न बचने पर डॉक्टरों ने बुधवार रात बच्ची को जबरन डिस्चार्ज करके लॉमा लिखवा लिया। परिवार वाले डिस्चार्ज न करने की बात कहते रहे। आरोप है इलाज बंद होने से कुछ ही देर बाद बच्ची की मौत हो गई। इस मामले को लेकर शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने सीएमएस के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई है। वहीं बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों से भी जवाब तलब कर लिया गया है।
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बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों से मांगा गया जवाब
पीजीआई में असाध्य कार्ड में पैसा खत्म होने पर बच्ची का इलाज बंद होने से मौत मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने पीजीआई से जवाब तलब किया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। निदेशक ने सीएमएस के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई है। वहीं बच्ची का उपचार करने वाले डॉक्टरों से भी जवाब तलब किया गया है।
बलिया की मुस्कान (13) प्लास्टिक एनीमिया से ग्रसित थी। पीजीआई के हिमेटोलॉजी विभाग से चार माह से उपचार चल रहा था। बच्ची का असाध्य कार्ड पर मुफ्त इलाज चल रहा था। तीमारदार रोहित का आरोप है कि असाध्य कार्ड में पैसा न बचने पर डॉक्टरों ने बुधवार रात बच्ची को जबरन डिस्चार्ज करके लॉमा लिखवा लिया। परिवार वाले डिस्चार्ज न करने की बात कहते रहे। आरोप है इलाज बंद होने से कुछ ही देर बाद बच्ची की मौत हो गई। इस मामले को लेकर शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने सीएमएस के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई है। वहीं बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों से भी जवाब तलब कर लिया गया है।
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