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संदिग्ध लेनदेन पर पूरा बैंक खाता फ्रीज नहीं कर सकती जांच एजेंसी : हाईकोर्ट
Mon, 17 Aug 2026 02:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 17 Aug 2026 02:30 AM IST
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लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि साइबर अपराध से जुड़ा संदिग्ध लेनदेन किसी निश्चित रकम तक सीमित है तो जांच एजेंसी किसी व्यक्ति का पूरा बैंक खाता डेबिट फ्रीज नहीं कर सकती। खाते पर लगाई गई रोक संदिग्ध अपराध की रकम तक ही सीमित व आनुपातिक होनी चाहिए।
हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी को संबंधित बैंक को एफआईआर, खाते पर रोक लगाने का आधार और लियन के लिए निर्धारित रकम की जानकारी देनी होगी। साथ ही कानून के अनुसार संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट को भी इसकी सूचना देनी होगी।
इस आदेश के साथ कोर्ट ने अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया कि वे इस शिकायत निवारण व्यवस्था का पालन करें और खातों के फ्रीज होने या डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रोके जाने से संबंधित शिकायतों के लिए उचित नोडल व्यवस्था बनाएं।
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न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश लखनऊ के व्यवसायी रितेश यादव की याचिका निस्तारित करते हुए पारित किया। कोर्ट ने संबंधित बैंक को उनके खातों को डी-फ्रीज करने और 36 हजार रुपये से अधिक की रकम के संचालन की अनुमति देने का निर्देश दिया। कहा कि 36 हजार रुपये पर लियन बना रहेगा।
याची के अनुसार, कर्नाटक में साइबर अपराध की जांच के सिलसिले में उसके बंधन बैंक खाते में 36 हजार रुपये की संदिग्ध रकम आने के बाद खाते फ्रीज किए गए थे।
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हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी को संबंधित बैंक को एफआईआर, खाते पर रोक लगाने का आधार और लियन के लिए निर्धारित रकम की जानकारी देनी होगी। साथ ही कानून के अनुसार संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट को भी इसकी सूचना देनी होगी।
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इस आदेश के साथ कोर्ट ने अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया कि वे इस शिकायत निवारण व्यवस्था का पालन करें और खातों के फ्रीज होने या डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रोके जाने से संबंधित शिकायतों के लिए उचित नोडल व्यवस्था बनाएं।
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न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश लखनऊ के व्यवसायी रितेश यादव की याचिका निस्तारित करते हुए पारित किया। कोर्ट ने संबंधित बैंक को उनके खातों को डी-फ्रीज करने और 36 हजार रुपये से अधिक की रकम के संचालन की अनुमति देने का निर्देश दिया। कहा कि 36 हजार रुपये पर लियन बना रहेगा।
याची के अनुसार, कर्नाटक में साइबर अपराध की जांच के सिलसिले में उसके बंधन बैंक खाते में 36 हजार रुपये की संदिग्ध रकम आने के बाद खाते फ्रीज किए गए थे।