{"_id":"63038f71d9ba9d3d524096a1","slug":"injection-of-prostate-saved-life-from-corona-study-done-in-urology-department-of-kgmu","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : प्रोस्टेट के इंजेक्शन ने कोरोना से बचा ली जान, केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में हुआ अध्ययन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : प्रोस्टेट के इंजेक्शन ने कोरोना से बचा ली जान, केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में हुआ अध्ययन
Mon, 22 Aug 2022 07:45 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 22 Aug 2022 07:45 PM IST
सार
पूरी दुनिया में हुए शोध से पता चला है कि पुरुषों के मुकाबले संक्रमण की वजह से महिलाओं की मौत डेढ़ से ढाई गुना तक कम हुई है। इसकी वजह महिलाओं और पुरुषों में होने वाले अलग-अलग हॉर्मोन हो सकते हैं। एंड्रोजेन हॉर्मोन पुरुषों में ही पाया जाता है।
विज्ञापन
केजीएमयू
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोविड-19 संक्रमण के दौरान सबसे ज्यादा जान असाध्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों ने गंवाई। लेकिन जो लोग प्रोस्टेट की समस्या से पीड़ित थे, उनके लिए कोरोना काल में यह समस्या ही वरदान बन गई। क्योंकि, प्रोस्टेट के इलाज के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन की वजह से ऐसे लोगों में कोरोना संक्रमण का असर कम रहा। केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में हुए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। इसे स्प्रिंगर ने मॉलिक्युलर बायोलॉजी रिपोर्ट्स के जुलाई अंक में प्रकाशित किया है।
विज्ञापन
केजीएममयू के यूरोलॉजी विभाग में प्रो. विश्वजीत सिंह के दिशा-निर्देशन में डॉ. मुकुल सिंह, हरिश्याम, दिनेश कुमार साहू, अर्चना मिश्रा, प्रताप शंकर और शैलेंद्र कुमार ने यह शोध किया है। प्रो. विश्वजीत सिंह के अनुसार कोरोना संक्रमण ने पुरुष और महिला दोनों को समान रूप से प्रभावित किया। इसके बावजूद पूरी दुनिया में हुए शोध से पता चला है कि पुरुषों के मुकाबले संक्रमण की वजह से महिलाओं की मौत डेढ़ से ढाई गुना तक कम हुई है। इसकी वजह महिलाओं और पुरुषों में होने वाले अलग-अलग हॉर्मोन हो सकते हैं। एंड्रोजेन हॉर्मोन पुरुषों में ही पाया जाता है।
विज्ञापन
इसकी वजह से प्रोस्टेट सक्रिय रहता है। प्रोस्टेट कैंसर या फिर इसकी अन्य बीमारियों में एंड्रोजेन डिप्रिवेशन थेरेपी (एडीटी) का उपयोग किया जाता है। इसमें इंजेक्शन लगाकर एंड्रोजेन हॉर्मोन को रोक दिया जाता है। इसकी वजह से प्रोस्टेट नियंत्रित हो जाता है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों में पाया गया कि कोरोना संक्रमित होने के बावजूद एंड्रोजेन डिप्रिवेशन थेरेपी की वजह से पुरुष मरीजों में जान का खतरा नहीं हुआ। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी की प्रेरणा से कोविड के दौरान भी कैंपस में शोधकार्य नहीं रुका। इसी वजह से कोविड आधारित पेपरों का प्रकाशन हो रहा है।
विज्ञापन
राजधानी में कोरोना से अब तक 2696 मौत
लखनऊ में अब तक कोरोना संक्रमण की वजह से 2696 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 1543 मौतें कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान वर्ष 2021 में हुई थीं। वहीं, पहली लहर के दौरान 1108 संक्रमितों की मौत हुुई थी। इस साल अब तक 45 लोग जान गंवा चुके हैं।
महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है एस्ट्रोजन हॉर्मोन
प्रो. विश्वजीत के अनुसार महिलाओं में पाया जाने वाला एस्ट्रोजन हॉर्मोन सेक्स हॉर्मोन होता है। इसकी वजह से महिलाओं में प्रजनन प्रणाली विकसित होती है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की एक बड़ी वजह इस हॉर्मोन की अधिकता होती है। यही हॉर्मोन महिलाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। कोविड-19 के समय भी इसी हॉर्मोन ने उन्हें मजबूत बनाया।