{"_id":"655b1eadbfc37a7407065171","slug":"industrial-corridors-will-be-developed-near-express-ways-in-uttar-pradesh-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे बनाएगी योगी सरकार, सात हजार करोड़ होंगे खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे बनाएगी योगी सरकार, सात हजार करोड़ होंगे खर्च
Mon, 20 Nov 2023 02:24 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 20 Nov 2023 02:24 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर औद्योगिक केंद्रों के लिए स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक एवं गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में नए-नए एक्सप्रेसवे बनाकर न सिर्फ प्रदेश की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा रहा है, बल्कि इन एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक केंद्रों की स्थापना करके इसे औद्योगिक गलियारे के रूप में विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है। इस संबंध में सीएम योगी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने औद्योगिक केंद्रों के लिए स्थलों को चिह्नित कर लिया है।
विज्ञापन
योजना के अनुसार यूपीडा प्रदेश में 5 एक्सप्रेसवेज के किनारे औद्योगिक केंद्रों की स्थापना करेगा। इनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एवं गंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इस पर योगी सरकार अनुमानित 7 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च करेगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - लोकसभा चुनाव को लेकर बैठक: भाजपा ने कई जिलों के प्रभारी बदले, बूथ कमेटियों का होगा गठन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - राममंदिर में पूजा-अर्चना के लिए तैयार हो रही आचार संहिता, नए मंदिर में पांच बार होगी आरती
सीएम के समक्ष प्रस्तुत किया चिह्नित स्थलों का विवरण
शनिवार को ही यूपीडा ने एक उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी के समक्ष इन पांचों एक्सप्रेसवेज के किनारे चिह्नित औद्योगिक गलियारों का विवरण प्रस्तुत किया। इसके अनुसार प्रदेश के कुल 12 जनपदों को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर 11 स्थलों को औद्योगिक गलियारे के लिए चुना गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 1522 हेक्टेयर है। इस पर करीब 2300 करोड़ के अनुमानित व्यय का अनुमान है। इसी तरह, 7 जनपदों को जोड़ने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे 6 स्थलों को चिह्नित किया गया है। इसका प्रस्तावित क्षेत्रफल 1884 हेक्टेयर है, जिस पर 1500 करोड़ से ज्यादा व्यय का अनुमान है।
30 स्थलों और 5800 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि की चिह्नित
इसी तरह, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े 10 जनपदों में 5 स्थलों का चयन किया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 532 हेक्टेयर है, जिसके विकास पर करीब 650 करोड़ का व्यय अनुमानित है। वहीं 9 जनपदों को जोड़ने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक गलियारे के लिए 5 स्थानों को चिह्नित किया गया है जिसका प्रस्तावित क्षेत्रफल 1586 हेक्टेयर है और अनुमानित व्यय 2300 करोड़ होने की संभावना है। पांचवां और अंतिम एक्सप्रेसवे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे है।
इसके 4 जनपदों में 2 स्थानों को औद्योगिक केंद्रों के लिए चुना गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 345 हेक्टेयर होगा और अनुमानित व्यय 320 करोड़ होने की संभावना है। कुल मिलाकर इन पांचों एक्सप्रेसवेज पर 30 स्थलों को चिह्नित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल 5800 हेक्टेयर से ज्यादा है।
भूमि क्रय के लिए दरों का निर्धारण प्रक्रियाधीन
यूपीडा की ओर से चिह्नित सभी 30 स्थलों से जुड़े 108 ग्रामों को प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचित किया जा चुका है। वहीं भूमि क्रय के लिए संबंधित 6 जिलाधिकारियों को 200 करोड़ रुपए भी जारी किए जा चुके हैं। साथ ही भूमि क्रय के लिए बुंदेलखंड औद्योगिक प्राधिकरण की तर्ज पर 1500 करोड़ रुपए अवमुक्त किए जाने का आदेश भी निर्गत किया जा चुका है। जनपद स्तर पर भूमि क्रय के लिए दरों का निर्धारण फिलहाल प्रक्रिया में है।