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काम पूरे होने के बाद हैंडओवर होंगे औद्योगिक क्षेत्र, नगर निगम के हवाले होंगे अमौसी, सरोजनीनगर
Sat, 08 Jun 2019 12:32 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:32 AM IST
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लखनऊ
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राजधानी क्षेत्र से जुड़े अमौसी व सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों का नगर निगम को प्रस्तावित हस्तांतरण अधूरे पड़े निर्माण व विकास कार्यों के पूरे होने के बाद ही होगा। इसके चलते ही जिलाधिकारी ने दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में बचे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश या है ताकि हैंडओवर प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर जल्द ही अलग सुनवायी प्रकोष्ठ भी गठित होगा। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े सभी विभागों के जिम्मेदार शामिल होंगे। इसका उद्देश्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी ड्रेनेज, जल निकासी, साफ-सफाई व बदहाल सड़क से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारित कर उद्यमियों को बेहतर माहौल प्रदान करना है।
यह जानकारी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए अमौसी और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों के बचे काम पूरे कराने को खर्च होने वाले बजट की स्वीकृति मांगी गई है। इसके मिलते ही दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के अधूरे कामों को पूरा कराकर इसका हस्तांतरण नगर निगम को करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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नगर निगम के अधिकारी पहले ही साफ कर चुके हैं कि काम पूरे होने के बाद ही हैंडओवर लिया जाएगा। उधर, डीएम ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल निवेश मित्र पोर्टल से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण में ढिलाई पर भी नाराजगी जताई है।
उन्होंने कार्यालय स्तर पर लंबित 105 प्रकरण और उद्यमी स्तर पर लंबित 250 मामले 15 जून तक निस्तारित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े एप्रोच रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने को पुलिस के साथ मिलकर नियमित तौर पर अतिक्रमण रोधी अभियान चलाने का निर्देश भी दिया।
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औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर जल्द ही अलग सुनवायी प्रकोष्ठ भी गठित होगा। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े सभी विभागों के जिम्मेदार शामिल होंगे। इसका उद्देश्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी ड्रेनेज, जल निकासी, साफ-सफाई व बदहाल सड़क से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारित कर उद्यमियों को बेहतर माहौल प्रदान करना है।
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यह जानकारी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए अमौसी और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों के बचे काम पूरे कराने को खर्च होने वाले बजट की स्वीकृति मांगी गई है। इसके मिलते ही दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के अधूरे कामों को पूरा कराकर इसका हस्तांतरण नगर निगम को करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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नगर निगम के अधिकारी पहले ही साफ कर चुके हैं कि काम पूरे होने के बाद ही हैंडओवर लिया जाएगा। उधर, डीएम ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल निवेश मित्र पोर्टल से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण में ढिलाई पर भी नाराजगी जताई है।
उन्होंने कार्यालय स्तर पर लंबित 105 प्रकरण और उद्यमी स्तर पर लंबित 250 मामले 15 जून तक निस्तारित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े एप्रोच रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने को पुलिस के साथ मिलकर नियमित तौर पर अतिक्रमण रोधी अभियान चलाने का निर्देश भी दिया।