पूर्वांचल में भी निर्दलीय निभाएंगे अहम भूमिका, गोरखपुर में भाजपा को बढ़त तो वाराणसी में सपा आगे
जिला पंचायत सदस्य चुनाव में पूर्वांचल में सपा ने बढ़त बनाए रखी है। सरकार और संगठन की पूरी ताकत के बाद भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता दिख रहा है। पूर्वांचल की 28 जिला पंचायतों में अध्यक्ष पद की चाबी निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथ है।
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जिला पंचायत सदस्य चुनाव में पूर्वांचल में सपा ने बढ़त बनाए रखी है। सरकार और संगठन की पूरी ताकत के बाद भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता दिख रहा है। पूर्वांचल की 28 जिला पंचायतों में अध्यक्ष पद की चाबी निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर में भाजपा को बढ़त मिली है जबकि वाराणसी में सपा भाजपा पर बढ़त बनाए हुए है। रामनगरी अयोध्या में भी सपा ने भाजपा पर बढ़त बनाई है जबकि राजधानी लखनऊ में पूर्व सांसद रीना चौधरी चुनाव हार गई है। हालांकि जिला पंचायत चुनाव की तस्वीर मंगलवार दोपहर तक ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर की 68 सीटों में भाजपा 26, सपा 13, बसपा 2, कांग्रेस एक और निर्दलीयों ने 22 सीटों पर बढ़त बना रखी है। सोनभद्र की 31 में से 11 सीटों पर सपा, 7 पर भाजपा, बसपा को 3, अपना दल एस को 4 और निर्दलीयों 6 सीटें जीती । उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल नंदी के क्षेत्र प्रयागराज जिला पंचायत की 84 सीटों में से सपा को 23, भाजपा 13, बसपा 5, कांग्रेस एक और 42 पर निर्दलीय बढ़त बनाए हुए हैं। ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के प्रतापगढ़ जिले में भाजपा को दस, बसपा को 8, कांग्रेस को 11 और 28 पर निर्दलीय बढ़त बनाए हुए हैं।
कुशीनगर की 61 सीटों मं से भाजपा को 14, बसपा को दो, कांग्रेस को 3, निर्दलीय 35 सीटों पर आगे थे। सिद्धार्थनगर की 45 सीटों में से भाजपा 7, सपा 12, और निर्दलीय 9 सीटों पर आगे थे। भदोही की 26 सीटों में से बसपा 10, भाजपा 8, और 8 पर निर्दलीय आगे थे। बस्ती की 43 सीटों में से सपा को 16, भाजपा 12 और निर्दलीय 10 सीटों पर आगे थे। केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय के निर्वाचन क्षेत्र चंदौली की 35 सीटों में से सपा 15, भाजपा 2, बसपा 2 और निर्दलीय 7 सीटों पर आगे हैं।
बलिया की 58 सीटों में से भाजपा 7, सपा 11, बसपा 7, सुभासपा 11 और 21 पर निर्दलीयों ने चुनाव जीता। संतकबीर नगर की 30 सीटों में से भाजपा मात्र 4, सपा 13, बसपा 5 और निर्दलीय आठ सीटों पर आगे चल रहे थे। कौशांबी की 26 सीटों में भाजपा चार, बसपा 4 और दस पर निर्दलीय आगे थे। मिर्जापुर की 44 में से 1 सीट पर सपा और 12 पर निर्दलीय बढ़त बनाए हुए थे। वाराणसी जिला पंचायत की 40 सीटों में भाजपा को सात, सपा को दस, बसपा 4, कांग्रेस एक, भासपा दो, अपना दल एस तीन, अपना दल कृष्णा गुट एक और 11 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीते है।
गाजीपुर की 67 सीटों में से सपा को 20, बसपा को 10, भाजपा को 6, कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली। फतेहपुर की 46 सीटों में से भाजपा को दस, सपा को 7, बसपा को 4, कांग्रेस 4 और निर्दलीय 17 सीटों पर आगे थे।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में सपा ने दबदबा बरकरार रखा है। आजमगढ़ की 84 सीटों में से सपा को 45, भाजपा को 18, बसपा को 3, कांग्रेस को 15 और दो सीटों पर निर्दलीय बढ़त बनाए थे। मऊ जिले की 34 सीटों में से बसपा ने 18, सपा ने 6, सुभासपा ने एक और भाजपा ने दो सीटें जीती है। जौनपुर की 83 सीटों में सपा ने 37, भाजपा को 18, बसपा को 4, अपना दल ने एक सीट पर चुनाव जीता है।
धनंजय सिंह की पत्नी चुनाव जीती
पूर्वांचल के बाहुबली नेता धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है। उन्होंने वार्ड नंबर 35 से जौनपुर के निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव की पत्नी राजकुमारी देवी को 11,293 मतों से चुनाव हराया।
निर्दलीयों और बागियों को साधने में जुटी भाजपा
जिला पंचायत चुनाव में प्रदेश की अधिकांश जिला पंचायतों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता देख भाजपा के रणनीतिकारों ने पार्टी से बगावत कर चुनाव जीते सदस्यों और निर्दलीय सदस्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। सरकार के मंत्रियों, पार्टी के सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों को नवनिर्वाचित निर्दलीय सदस्यों से संपर्क कर उनका समर्थन हर हाल में जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।