{"_id":"610eeebc8ebc3e731530c5d9","slug":"incorchement-on-government-land-lko-city-news-lko5903766141","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म परिवर्तन कर सरकारी जमीन पर किया कब्जा, ग्राम प्रधान के पति ने शिक़ायत, जाँच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म परिवर्तन कर सरकारी जमीन पर किया कब्जा, ग्राम प्रधान के पति ने शिक़ायत, जाँच शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। मोहनलालगंज में पूरे परिवार के साथ धर्म परिवर्तन के बाद सरकारी जमीन पर कब्जा कर उस पर अवैध निर्माण कर लिया गया और धार्मिक आयोजन कर अन्य ग्रामीणों को भ्रमित किया जा रहा है। यह आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधान व ग्राम प्रधान के पति समेत ग्राम पंचायत सदस्यों ने एसडीएम से शिकायत की है। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मोहनलालगंज के गोविन्दपुर पंचायत के पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान के पति ने बताया कि बाहर से आए महिपाल नाम के व्यक्ति ने पहले परिवार समेत धर्म परिवर्तन किया और फिर उसके बाद गांव के खेल मैदान के लिए सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। यही नहीं उस पर इमारत भी खड़ी कर दी। अब इस इमारत में धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। आरोप है कि कार्यक्रम में गांव व आसपास के लोगों को बुलाकर तरह-तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है। पूर्व प्रधान व पंचायत सदस्यों ने एसडीएम को पत्र सौंपकर मांग की है कि धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार का अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त कर, अनुसूचित जाति को मिलने वाले लाभों पर रोक लगाई जाए और जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को भी निरस्त किया जाए। एसडीएम ने पूरे मामले की जांच करने का आदेश राजस्व निरीक्षक को दिया है।
इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला कार्यवाह सुदेश यादव ने कहा कि इस मामले को शासन स्तर पर उठाकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं एसडीएम शुभी काकन के मुताबिक, मामला संज्ञान में आया है। जांच के आदेश दिए हैं, रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहनलालगंज के गोविन्दपुर पंचायत के पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान के पति ने बताया कि बाहर से आए महिपाल नाम के व्यक्ति ने पहले परिवार समेत धर्म परिवर्तन किया और फिर उसके बाद गांव के खेल मैदान के लिए सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। यही नहीं उस पर इमारत भी खड़ी कर दी। अब इस इमारत में धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। आरोप है कि कार्यक्रम में गांव व आसपास के लोगों को बुलाकर तरह-तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है। पूर्व प्रधान व पंचायत सदस्यों ने एसडीएम को पत्र सौंपकर मांग की है कि धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार का अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त कर, अनुसूचित जाति को मिलने वाले लाभों पर रोक लगाई जाए और जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को भी निरस्त किया जाए। एसडीएम ने पूरे मामले की जांच करने का आदेश राजस्व निरीक्षक को दिया है।
विज्ञापन
इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला कार्यवाह सुदेश यादव ने कहा कि इस मामले को शासन स्तर पर उठाकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं एसडीएम शुभी काकन के मुताबिक, मामला संज्ञान में आया है। जांच के आदेश दिए हैं, रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन