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बेनतीजा रही वार्ता : रेजिडेंट डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च, कल से भूख हड़ताल, दो दिन से आंदोलन कर रहे हैं छात्र

Thu, 19 Aug 2021 08:47 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 19 Aug 2021 08:47 PM IST
सार

प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों में डीएम- एमसीएच छात्रों को सेवा विस्तार दिया जा रहा है। लेकिन इन छात्रों को फिर से सीनियर रेजिडेंट का ही पद व मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे में डीएम और एमसीएच छात्रों का कहना है कि उन्हें नेशनल मेडिकल कमीशन की नियमावली के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर का मानदेय और अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाए।

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Inconclusive talks: Resident doctors took out candle march, hunger strike from today, students have been agitating for two days
एसजीपीजीआई में कैंडल मार्च निकालते रेडिजेंट डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिकित्सा संस्थानों में डीएम और एमसीएच छात्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने गुरुवार को कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान प्रमुख सचिव से हुई वार्ता बेनतीजा रही। अब वे शुक्रवार को भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। छात्रों ने ऐलान किया है कि जब तक उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव और मानदेय नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है। उनसे मिलने के लिए वक्त मांगा गया है।

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प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों में डीएम- एमसीएच छात्रों को सेवा विस्तार दिया जा रहा है। लेकिन इन छात्रों को फिर से सीनियर रेजिडेंट का ही पद व मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे में डीएम और एमसीएच छात्रों का कहना है कि उन्हें नेशनल मेडिकल कमीशन की नियमावली के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर का मानदेय और अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाए। इसी मांग को लेकर एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के डीएम व एमसीएच छात्रों ने बुधवार को बांह पर काली पट्टी बांध कर कार्य किया।
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गुरुवार को दिनभर बांह पर काली पट्टी बांध कर कार्य करने के बाद शाम को कैंडल मार्च निकाला। पूरे परिसर में भ्रमण करने के बाद प्रशासनिक भवन के सामने सभा हुई। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमावली के तहत उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव और मानदेय दिया जाए। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर एसजीपीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन से दूरभाष पर प्रमुख सचिव की वार्ता हुई। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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इसी तरह एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमान ने भी बातचीत की। फिर भी रेजिडेंटों ने हड़ताल वापस लेने से मना कर दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. आकाश माथुर और महामंत्री डा. अनिल गंगवार ने बताया कि गुरुवार को कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने फैसला लिया है कि मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने दूरभाष पर वार्ता के दौरान मांगों पर अंतिम फैसला चिकित्सा शिक्षा मंत्री पर छोड़ा है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पहले ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है। उनसे मुलाकात के लिए वक्त मांगा गया है।

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