दबंग पान मसाला ग्रुप पर छापा, मिला धन व गहने
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आयकर विभाग ने मंगलवार को दबंग पान मसाला ग्रुप के लखनऊ एवं कानपुर के 12 ठिकानों पर छापामारी की। आयकर अफसरों को छापामारी में निदेशक के आवास से भारी तादाद में कैश और कीमती गहने हाथ लगे।
अफसर नोटों की गिनती करने के लिए मशीन एवं गहनों का मूल्यांकन करने के लिए एक्सपर्ट को ले गये। शाम तक 50 लाख रुपये की गिनती की जा चुकी है। इसके अलावा चल एवं अचल संपत्ति में काली कमाई के निवेश संबंधी दस्तावेज बैंक में लॉकर्स का पता चला है।
आयकर महानिदेशक (जांच) इकाई के असिस्टेंट डायरेक्टर निमिष मिश्र के नेतृत्व में सुबह करीब सात बजे से दबंग पान मसाला ग्रुप के निदेशक राघवेंद्र तिवारी की आशियाना इलाके में स्मृ़ति उपवन के निकट स्थित कोठी, गोमतीनगर के आवास, मोहनलालगंज के गौरा स्थित फैक्ट्री, कार्यालय, थोक सप्लायर पान दरीबा चारबाग के सतीश, कृष्णानगर बाराबिरवा के महेश एवं कानपुर के अन्य एक कारोबारी के आवास, कार्य स्थल पर 60 से अधिक अफसरों ने जांच शुरू की। इस छापामारी में व्यापक स्तर पर आयकर चोरी पकड़ी गई है।
काले धन के कई दस्तावेज हुए जब्त
सूत्र बताते हैं कि निदेशक और कारोबारियों के घर से काले धन के जमीन सौदों में निवेश और कमाई के कई दस्तावेज जब्त किए गए। निदेशक के आवास पर काफी कैश पाए जाने पर नोटों की गिनती के लिए अफसरों की टीम को बढ़ानी पड़ी।
यहां निदेशक सहित अन्य के बयान दर्ज किए गये। चर्चा है कि मंगलवार आधी रात के बाद भी कैश की गिनती और जांच का काम चला रहा था।
बंगला लग्जरी कार का शोरूम
आयकर अफसरों को छापे में निदेशक का बंगला आवास कम लग्जरी कार शोरूम अधिक नजर आया। यहां पर एक ही नंबर 7007 की आधा दर्जन से अधिक कारें खड़ी थी।
चर्चा थी कि इस ग्रुप के पर 7007 नंबर की 13 कारें हैं। इनमें ऑडिस, स्विफ्ट डिजायर, इनोवा, रिट्ज, जगुआर कार होने की बात कहीं गई। यह वीआईपी वाहन नंबर है।
थोक सप्लायर आयकर चोरी में फंसे
दबंग ग्रुप के संग में थोक पान मसाला के सप्लायर भी आयकर चोरी में फंसे हैं। निदेशक की फैक्ट्री, आवास एवं सप्लायर के घर और कार्य स्थल से जो दस्तावेज मिले हैं उनसे खुलासा हुआ कि जितनी इनकम हुई उस पर टैक्स नहीं चुकाया गया।
वाणिज्य कर विभाग दबंग ग्रुप के ठिकानों पर कई बार छापामारी कर टैक्स चोरी का खुलासा कर चुका है। लेकिन कभी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
डायरी में रिश्वत का हिसाब-किताब
अफसरों को छापामारी में एक डायरी बरामद हुई जिसमें रिश्वत के हिसाब-किताब का उल्लेख है। इस डायरी में अफसरों, व्यापार मंडल नेताओं, पत्रकारों तक को अब तक दी गई रिश्वत का वितरण है। यहीं नहीं डायरी में कैश लेनदेन का विवरण भी दर्ज है।