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पहले दिन के फीडबैक में ही 61 फीसद विद्युत उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकारा
Sun, 29 Nov 2020 07:02 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 29 Nov 2020 07:02 PM IST
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Smart Energy Meter
- फोटो : AmarUjala
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स्मार्ट मीटर की गुणवता को लेकर उठ रहे सवालों को देखते हुए सरकार के निर्देश पर लिए गए मीटर के संबंध में उपभोक्ताओं के फीडबैक ने उप्र पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन की नींद उड़ा दी है। फीडबैक लेने के पहले दिन ही 61 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकार दिया है। सिर्फ 38 प्रतिशत उपभोक्ता ही स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं। विभाग के हेल्पलाइन 1912 के माध्यम से उपभोक्ताओं से मिली लिखित फीडबैक का आंकड़ा मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा सामने लाने के बाद से बिजली कंपनियों में हड़कंप मचा है।
बता दें कि शुरुआती दौर से ही स्मार्ट मीटर की स्पीड को लेकर तमाम तरह की शिकायतें सरकार, शासन और उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन तक पहुंचने लगी थीं। वहीं इस मुद्दे को लेकर उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद भी लगातार उर्जा मंत्री के समक्ष और उप्र विद्युत नियामक आयोग में भी उठाता रहा है। इस आधार पर ही मध्यांचल विद्युत वितरण मंडल में हेल्पलाइन 1912 के माध्यम से स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं से लिखित फीडबैक लेने का फैसला किया गया था।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा का दावा है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के द्वारा सामने लाये गए पहले दिन के फीडबैक में ही 61 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 1912 के माध्यम से मोबाइल पर पहले दिन कुल लगभग 2230 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया। जिसमें कुल 1067 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर फीडबैक में शामिल होते हुए अपनी असंतुष्टि जाहिर की। वहीं 669 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता संतुष्ट दिखे और छह उपभोक्ताओं ने पूर्ण संतुष्टि जाहिर की, जबकि 488 उपभोक्ताओं की कोई राय फीडबैक रिपोर्ट में अंकित नहीं की गई है।
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उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष का यह भी कहना है कि यह स्थिति तब है, जब उपभोक्ताओं ने स्वत: लिखित फीडबैक दिए है। घर-घर जाकर फीडबैक लिए जाने पर यह असंतुष्टों का आंकड़ा और बढेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उपभोक्ताओं का फीडबैक सामने आया है उससे आगे की कार्यवाही में लीपापोती करने वालों की संभावना बढ़ गई है। मीटर निर्माता कंपनियां और ईईएसएल मिलकर कोई बड़ा खेल कर सकती हैं।
उधर, सभी बिजली कम्पनियों में ज्यादातर ऐसी ही रिपोर्ट व फीडबैक सामने आने से उन बिजली कंपनियों और मददगारों में हड़कंप मचा हुआ है जो अभी तक इस मामले में लीपापोती करने में जुटे थे और मीटर निर्माता कम्पनियों को बचा रहे थे। अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि अब उपभोक्ताओं के सामने आये इस मुखर फीडबैक के आधार पर उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा प्रदेश के समस्त स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से उपभोक्ता परिषद अपील करती है वह स्मार्ट मीटर से आने वाली सभी समस्याओं व दिक्कतों के बारे मे बेबाक होकर अपनी राय दें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से जुड़े स्मार्ट मीटर के इस मामले में देश में पहली बार एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने आगे बढ़कर लिया।
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बता दें कि शुरुआती दौर से ही स्मार्ट मीटर की स्पीड को लेकर तमाम तरह की शिकायतें सरकार, शासन और उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन तक पहुंचने लगी थीं। वहीं इस मुद्दे को लेकर उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद भी लगातार उर्जा मंत्री के समक्ष और उप्र विद्युत नियामक आयोग में भी उठाता रहा है। इस आधार पर ही मध्यांचल विद्युत वितरण मंडल में हेल्पलाइन 1912 के माध्यम से स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं से लिखित फीडबैक लेने का फैसला किया गया था।
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उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा का दावा है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के द्वारा सामने लाये गए पहले दिन के फीडबैक में ही 61 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 1912 के माध्यम से मोबाइल पर पहले दिन कुल लगभग 2230 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया। जिसमें कुल 1067 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर फीडबैक में शामिल होते हुए अपनी असंतुष्टि जाहिर की। वहीं 669 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता संतुष्ट दिखे और छह उपभोक्ताओं ने पूर्ण संतुष्टि जाहिर की, जबकि 488 उपभोक्ताओं की कोई राय फीडबैक रिपोर्ट में अंकित नहीं की गई है।
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उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष का यह भी कहना है कि यह स्थिति तब है, जब उपभोक्ताओं ने स्वत: लिखित फीडबैक दिए है। घर-घर जाकर फीडबैक लिए जाने पर यह असंतुष्टों का आंकड़ा और बढेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उपभोक्ताओं का फीडबैक सामने आया है उससे आगे की कार्यवाही में लीपापोती करने वालों की संभावना बढ़ गई है। मीटर निर्माता कंपनियां और ईईएसएल मिलकर कोई बड़ा खेल कर सकती हैं।
उधर, सभी बिजली कम्पनियों में ज्यादातर ऐसी ही रिपोर्ट व फीडबैक सामने आने से उन बिजली कंपनियों और मददगारों में हड़कंप मचा हुआ है जो अभी तक इस मामले में लीपापोती करने में जुटे थे और मीटर निर्माता कम्पनियों को बचा रहे थे। अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि अब उपभोक्ताओं के सामने आये इस मुखर फीडबैक के आधार पर उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा प्रदेश के समस्त स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से उपभोक्ता परिषद अपील करती है वह स्मार्ट मीटर से आने वाली सभी समस्याओं व दिक्कतों के बारे मे बेबाक होकर अपनी राय दें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से जुड़े स्मार्ट मीटर के इस मामले में देश में पहली बार एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने आगे बढ़कर लिया।