{"_id":"57bc377a4f1c1b8e63d506ce","slug":"important-news-related-to-lab-technician","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैब टेक्नीशियन पदों पर भर्ती से जुड़ी अहम खबर पढ़ें यहां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लैब टेक्नीशियन पदों पर भर्ती से जुड़ी अहम खबर पढ़ें यहां
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 23 Aug 2016 05:16 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सूबे में लैब टेक्नीशियन के पदों पर भर्ती व तैनाती संबंधी इसी साल 16 जून को जारी विज्ञापन रद्द कर दिया है।
साथ ही यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को ग्रुप सी केपदों पर सीधी भर्ती संबंधी वर्ष 2002 के नियमों (2014 में संशोधित) केतहत लैब टेक्नीशियन केपदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना या विज्ञापन नए सिरे से जारी करने केनिर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने आयोग को कहा है कि जिन आवेदकों ने पहले आवेदन किया था उन्हें भी इस चयन में बगैर नए सिरे से आवेदन कराए, अर्हता केमुताबिक शामिल किया जाए।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने यह अहम फैसला केशपाल एवं दो अन्य अभ्यर्थियों की याचिका को मंजूर करते हुएसुनाया। याचियों का कहना था कि लैब टेक्नीशियन के रूप में वे डिप्लोमाधारक थे और इस पद पर तैनाती के योग्य थे।
याचियों ने इन पदों पर भर्ती व तैनाती संबंधी 16 जून 2016 को जारी विज्ञापन को कानून की मंशा के खिलाफ बताते हुए चुनौती दी थी।
विज्ञापन
साथ ही यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को ग्रुप सी केपदों पर सीधी भर्ती संबंधी वर्ष 2002 के नियमों (2014 में संशोधित) केतहत लैब टेक्नीशियन केपदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना या विज्ञापन नए सिरे से जारी करने केनिर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने आयोग को कहा है कि जिन आवेदकों ने पहले आवेदन किया था उन्हें भी इस चयन में बगैर नए सिरे से आवेदन कराए, अर्हता केमुताबिक शामिल किया जाए।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने यह अहम फैसला केशपाल एवं दो अन्य अभ्यर्थियों की याचिका को मंजूर करते हुएसुनाया। याचियों का कहना था कि लैब टेक्नीशियन के रूप में वे डिप्लोमाधारक थे और इस पद पर तैनाती के योग्य थे।
विज्ञापन
याचियों ने इन पदों पर भर्ती व तैनाती संबंधी 16 जून 2016 को जारी विज्ञापन को कानून की मंशा के खिलाफ बताते हुए चुनौती दी थी।