अब आप मोबाइल एप के जरिए भी गरमागरम चाय बना सकेंगे
- एप केतली ‘ओचा 2.0’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
- केतली की लंबाई है 275 मिलीमीटर और चौड़ाई 100 मिली मीटर
- ओचा मोबाइल एप को करना होगा डाउनलोड
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अब मोबाइल एप के जरिए भी गरमागरम चाय बन सकेगी। यह कमाल आईआईटी के सीनियर रिसर्च स्कॉलर सचिन एनपी और विमल ने किया है। चाय बनाने वाली इस एप केतली ‘ओचा 2.0’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
जल्द केतली बाजार में उपलब्ध होगी। पेटेंट कराने की प्रक्रिया चल रही है। इस शानदार शोध पर स्टूडेंट को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार पुरस्कार से नवाजा गया है।
आईआईटी कानपुर में मास्टर इन प्रोडक्ट डिजाइन फाइनल ईयर के स्टूडेंट सचिन एनपी और विमल सी ने केतली को ‘ओचा 2.0’ नाम दिया गया है। चाय की जो केतली बनी है, उसके सभी पार्ट्स पूरी तरह से भारतीय हैं। इसे ‘मेक इन इंडिया’ से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसकी डिजाइन और बनाने का काम फरवरी 2015 से शुरू हुआ था, जो कि जनवरी 2016 में पूरा हो गया। केतली की लंबाई 275 मिली मीटर और चौड़ाई 100 मिली मीटर है।
ओचा मोबाइल एप को डाउनलोड करना होगा। एप में दो बटन डिस्प्ले होंगे, जिसमें तापमान और समय सेट करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। अब आप तापमान और समय सेट कर दीजिए।
दफ्तर में ओचा केतली रहेगी फायदेमंद
इसके बाद केतली में पानी, दूध, चीनी और चाय पत्ती एक साथ डालें। तय समय पर चाय बनकर तैयार हो जाएगी। केतली को आधुनिक तकनीक (इंटरनेट ऑफ थिंक्स- आईओटी) से जोड़ा गया है। इसमें वाई-फाई कनेक्ट करने की सुविधा रहती है।
मोबाइल के इंटरनेट कनेक्शन से भी ‘ओचा’ एप का इस्तेमाल किया जा सकता है। केतली का इस्तेमाल दो तरीके से किया जा सकता है। पहला मोबाइल अप्लीकेशन और दूसरा केतली में उपलब्ध बटन।
पूरी प्रक्रिया आसान है, इसलिए इस्तेमाल में दिक्कत नहीं आएगी। इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है। दफ्तर में रोजाना 5-6 कप चाय पीने वालों के लिए ‘ओचा’ केतली फायदेमंद रहेगी।
दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात सेना के जवान, रिसर्च स्कॉलर और प्रोजेक्ट वर्कर भी केतली का लाभ उठा सकते हैं। काम करते-करते भी चाय बनाकर पी जा सकती है।