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Lucknow News: धूम्रपान छोड़ना है तो लोहिया संस्थान आएं
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लखनऊ। अगर आप धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं तो लोहिया संस्थान आएं। यहां आंकोलॉजी भवन में हर शनिवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक विशेष क्लीनिक चलती है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष सिंह ने शनिवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर नगरीय स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र उजरियांव में जागरूकता कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
डॉ. मनीष ने बताया कि आंकोलॉजी भवन के भूतल पर स्थित कमरा नंबर दो में चलने वाली विशेष क्लीनिक में काउंसिलिंग के साथ दवाओं से धूम्रपान छुड़वाने का प्रयास होता है। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ. अनामिका सिंह ने बताया कि देश में करीब 28.6 फीसदी व्यसक किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। इनमें एक तिहाई महिलाएं हैं।
इससे पहले संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर डीन डॉ. प्रद्युम्न सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह के साथ कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. एसडी कांडपाल थे।
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फेफड़े के कैंसर में हर 10 में नौ मौतों की वजह धूम्रपान
श्वसन चिकित्सा विभाग के डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है। इस कैंसर से होने वाली 10 में से नौ मौतों के लिए धूम्रपान जिम्मेदार है। तंबाकू के धुएं में सात हजार से अधिक रसायन होते हैं, जिनमें से कई जहरीले व कैंसर जनक होते हैं। डॉ. रुपिता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि तंबाकू महिलाओं की प्रजनन क्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। दंत चिकित्सा विभाग की डॉ. शैली महाजन ने बताया कि धूम्रपान से मसूढ़ों की बीमारी, मुंह में सफेद या लाल धब्बे या अल्सर हो सकता है।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष सिंह ने शनिवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर नगरीय स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र उजरियांव में जागरूकता कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
डॉ. मनीष ने बताया कि आंकोलॉजी भवन के भूतल पर स्थित कमरा नंबर दो में चलने वाली विशेष क्लीनिक में काउंसिलिंग के साथ दवाओं से धूम्रपान छुड़वाने का प्रयास होता है। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ. अनामिका सिंह ने बताया कि देश में करीब 28.6 फीसदी व्यसक किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। इनमें एक तिहाई महिलाएं हैं।
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इससे पहले संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर डीन डॉ. प्रद्युम्न सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह के साथ कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. एसडी कांडपाल थे।
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फेफड़े के कैंसर में हर 10 में नौ मौतों की वजह धूम्रपान
श्वसन चिकित्सा विभाग के डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है। इस कैंसर से होने वाली 10 में से नौ मौतों के लिए धूम्रपान जिम्मेदार है। तंबाकू के धुएं में सात हजार से अधिक रसायन होते हैं, जिनमें से कई जहरीले व कैंसर जनक होते हैं। डॉ. रुपिता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि तंबाकू महिलाओं की प्रजनन क्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। दंत चिकित्सा विभाग की डॉ. शैली महाजन ने बताया कि धूम्रपान से मसूढ़ों की बीमारी, मुंह में सफेद या लाल धब्बे या अल्सर हो सकता है।