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अस्पताल में भर्ती है नागिन का इंतजार करने वाला 'नाग'

Wed, 22 Apr 2015 02:58 PM IST
Updated Wed, 22 Apr 2015 02:58 PM IST
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ichchhadhari naag case in varanasi again in controversy

कुछ समय पहले बनारस जिले ओदार गांव के निवासी संदीप ने खुद को पिछले जन्म का इच्छाधारी नाग बताया था। उसने बताया था कि वह वह नाग है और नागिन उससे मिलने आएगी। इसके लिए विवाह का बकायदा कार्यक्रम किया गया था।

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एक धार्मिक अनुष्ठान के बीच में ही पुलिस वहां पहुंच गई थी और खुद को कथित नाग बताने वाले संदीप के परिवार से पुलिस ने कहा था कि इसका इलाज कराया जाए।

अब उसी संदीप कुमार का बीएचयू के अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। यह इलाज पूरी तरह से खामोशी के साथ हो रहा है। संदीप का परिवार गांव से गए किसी भी व्यक्ति को संदीप से मिलने नहीं दे रहा है।
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बीएचयू इलाज कराने के बाद उसे गुपचुप किसी रिश्तेदारी में ले जाया गया है। संदीप अब कितना फिट है इस बारे में कहा नहीं जा सकता बस यह बात साफ हो गई है कि उसकी मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है।
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काउंसलर्स से भी नहीं हुई मुलाकात

ichchhadhari naag case in varanasi again in controversy

जब संदीप के इच्छाधारी नाग बनने की खबर आई तो कई सारे स्वंयसेवी संगठन उस गांव पहुंचे। उसमें से एक संगठन के संचालक बीएचयू अस्पताल के न्यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष वीएन मिश्रा हैं। डॉक्‍टर मिश्रा कहते हैं कि हम पहले भी ऐसे केस देख चुके हैं जब कोई युवक या युवती नाग या नागिन बनने की बात करता है। कुछ मामलों में पुर्नजन्म की बातें भी सामने आती हैं।

हम पीड़ित व्यक्ति से लंबी बात करते हैं फिर प्रयास करते हैं कि उसका ब्रेनवाश हो जाए। लेकिन संदीप के केस में ऐसा नहीं हुआ। जब हम गांव गए तो हम प्रधान से मिले। प्रधान के माध्यम से यह बात जानने का प्रयास किया कि आखिर मामला क्या है।

लेकिन जब हम उस घर में संदीप से मिलने पहुंचे तब तक संदीप के परिवारजन उसे लेकर वहां से निकल चुके थे। हमारी मुलाकात संदीप से नहीं हो पाई। डाक्टर मिश्रा कहते हैं कि लोगों से जो बातें संदीप के बारे में सुनने को मिलीं इससे वही लगता है कि संदीप एक मनोरोगी था। डा. वीएन मिश्रा एक नया दिन नाम की संस्‍था चलाते हैं। इस संस्‍था का उदेश्य लोगों के बीच फैले अंधविश्वास को दूर करना था।  

दस साल से अजीब हालत में है संदीप

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संदीप के पड़ोसी नागेंद्र यादव संदीप के बारे में विस्तार से बताते हैं। नागेंद्र के मुताबिक संदीप पिछले दस साल से ऐसी बातें करता रहा है जिसे हम सामान्य नहीं कह सकते। वह कई बार किसी ऐसे सपने का जिक्र करता जिसमें सांप या सांप से जुड़ी कोई कहानी हो।

पिछले कुछ समय से उसने खाना पीना बंद कर दिया था। नाग की तरह ही वह सिर्फ दूध पीता था। लोगों से बातचीत करने का तरीका बिल्कुल अलग था। वह लोगों से ज्यादा घुलता मिलता नहीं था।

कुछ समय पहले उसने बताया कि वह पिछले जन्म में सांप था जिसकी ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। उसके अनुसार उसके जोड़े की नागिन अभी भी जिंदा है। उसे विश्वास है कि वह नागिन उसके पास मिलने जरूर आएगी।

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