ICAI Results: लखनऊ के राहुल शुक्ला की देश में 29वीं रैंक, जानें- क्या है होनहारों के इरादे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने रविवार को फाइनल, इंटरमीडिएट और फाउंडेशन के अपने तीन कोर्स के परीक्षा परिणाम जारी किए। इनमें 17 विद्यार्थियों ने जहां फाइनल परीक्षा के अपने-अपने ग्रुप पास किए, वहीं, दोनों ग्रुप पास करते हुए छह स्टूडेंट्स ने सीएमए होने का गौरव हासिल किया। इनमें राहुल शुक्ला ने ऑल इंडिया लेवल पर 29वीं रैंक हासिल की है। वहीं, अमर उजाला ने इन विद्यार्थियों से बात करते हुए परिणाम, उनकी सफलता और भविष्य के लक्ष्यों को जाना।
परिणाम इस तरह रहे
फाइनल : 183 विद्यार्थी शामिल
दोनों पेपर एक साथ पास : 06
ग्रुप 3 पास किया : 05
ग्रुप 4 पास किया : 06
इंटरमीडिएट : 455 विद्यार्थी शामिल
दोनों पेपर पास किए : 22
ग्रुप 1 पास किया : 15
ग्रुप 2 पास किया : 04
फाउंडेशन : 78 विद्यार्थी शामिल
पास हुए : 44
ऑल इंडिया रैंकिंग मिलने पर अच्छा लगा - : राहुल शुक्ला
माता-पिता : मंजू और कमलेश प्रसाद शुक्ला
रिएक्शन : मुझे ऑल इंडिया 29वीं रैंक मिली है, जिसकी उम्मीद नहीं थी। दोनों पेपर एक साथ पास किए हैं, यह तो पता था कि अच्छा रिजल्ट रहेगा। रैंक मिलने पर रिजल्ट यादगार हो गया है।
लक्ष्य : फिलहाल मैं एक कॉरपोरेट ऑफिस में मैनेजमेंट ट्रेनी हूं, अगला लक्ष्य सीएमए क्षेत्र में खुद को स्थापित करना है।
सुझाव: तैयारियों के दौरान समय का सही प्रबंधन करें। अपने शिक्षकों से पूरी मदद लें। बिना हिचक सहयोग मांगे।
तीन साल के ब्रेक के बाद मिली सफलता : कोमल साजवानी
माता-पिता : चंद्रा व रमेश
रिएक्शन : मैंने 2009 में कोर्स में एडमिशन लिया था, लेकिन कुछ समस्याओं की वजह से तीन साल के लिए पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। आज करीब साढ़े आठ साल बाद कोर्स पूरा होने पर काफी रिलेक्स फील कर रही हूं।
लक्ष्य : फिलहाल मैं एक सीए फर्म में ऑडिट असिस्टेंट के तौर पर काम रही हूं। मेरा लक्ष्य एमएनसी में अपने लिए कॅरिअर अपॉर्चूनिटी तलाशना है।
सुझाव : थ्योरिटिकल सब्जेक्ट्स को पूरी गंभीरता से पढ़ें, यहां मार्क्स हासिल करना मुश्किल होता है। कोर्स लंबा है, इसलिए छोटे-छोटे नोट्स बनाकर पूरी आउट लाइन तैयार करें।
जॉब में आने के बाद मिली सफलता : सुमेधा प्रकाश
माता-पिता : ललिता देवी और उमेश राम
रिएक्शन : मैं फिलहाल पावर ग्रिड कॉरपोरेशन में असिस्टेंट फाइनेंस ऑफिसर के तौर पर काम कर रही हूं। इससे पहले केवल स्टूडेंट रहते हुए तैयारी कर रही थी, लेकिन परिणाम अच्छे नहीं आ रहे थे, जॉब में आने के बाद पास कर पाई, यह अनोखी बात है।
लक्ष्य : फिलहाल फाइनेंस के क्षेत्र में ही आगे बढ़ना है।
सुझाव : कोर्स के साथ जॉब भी कर सकते हैं अगर अच्छा टाइम मैनेजमेंट करना आता है। तैयारियों के दौरान पढ़ाई का तनाव हावी न होने दें।
अभी और भी मंजिलें बाकी हैं : बालम सिंह
माता-पिता : मुन्नी देवी और आनंद सिंह
रिएक्शन : मैं फिलहाल एमकॉम, सीए फाइनल और सीएस इंटर की तैयारी कर रहा हूं। इस बीच सीएमए पूरा हो जाने पर एक माइल स्टोन हासिल हुआ है, ऐसी फीलिंग आ रही है। उम्मीद है आने वाले महीनों में बाकी कोर्स भी पूर कर सकूंगा।
लक्ष्य : फिलहाल तो लक्ष्य बाकी कोर्स पूरा करना ही है।
सुझाव : कंसेप्ट्स को पढ़ें, बजाय रटने के। अच्छे शिक्षकों से गाइडेंस जरूर लें।
मेहनत का परिणाम मिला है : कुशाग्र अग्रवाल
माता-पिता : नीता और पीके गुप्ता
रिएक्शन : मैंने 2011 में सीएमए कोर्स में एडमिशन लिया था, इसे पूरा करने में सात साल लग गए। कोई फिल्म नहीं देखी, घूमना भी लिमिटेड कर दिया था। अब लग रहा है कि इस सब का परिणाम अच्छा आया है।
लक्ष्य : मैं सीए फाइनल और सीएस इंटर की तैयारियां कर रहा हूं, अगला लक्ष्य उन्हें पास करना है।
सुझाव : पढ़ते समय टाइम न देखें, बल्कि कितने टॉपिक कवर किए, इसके अनुसार तैयारी करें। अपने पर पूरा विश्वास रखें, इसी से अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
अब अपना काम आगे बढ़ाना है : मोहम्मद राहिल
माता-पिता : शहनाज खातून और ताज मोहम्मद
रिएक्शन : परीक्षा परिणाम हमेशा नर्वस करते हैं, लेकिन पास होने पर जो खुशी मिलती है, उसका बखान नहीं किया जा सकता। सुबह से कई फोन कॉल्स आ रहे हैं, अच्छा लग रहा है।
लक्ष्य : फिलहाल में फाइनेंशियल एडवाइज और सेवाएं दे रहा हूं। खुद अपना काम है, अब इसी को आगे बढ़ाना चाहूंगा।
सुझाव : नियमित पढ़ाई करें, दो महीने रोजाना चार घंटे भी पढ़े तो पास हो जाएंगे। आत्मविश्वास आपके जवाबों में झलकना चाहिए।
लखनऊ को मिले 10 कंपनी सेक्रेट्रीज
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने रविवार को अपने एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल (फाइनल) कोर्स के परिणाम जारी किए। इनमें से करीब 10 विद्यार्थियों ने सीएस फाइनल किया है। आईसीएसआई के लखनऊ चैप्टर चेयरमैन सीएस अनुपम जैसवाल ने बताया कि एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में 5.8 प्रतिशत विद्यार्थियों ने मॉड्यूल वन पास किया, उनकी संख्या 19 रही।
वहीं 4.9 प्रतिशत ने मॉड्यूल दो पास किया है, जिनकी संख्या 13 है। प्रोफेशनल कोर्स के मॉड्यूल वन में 23.5 प्रतिशत पास हुए, उनकी संख्या 24 रहीं। इसी प्रकार मॉड्यूल 2 में 11.3 प्रतिशत रिजल्ट रहा, यहां 13 विद्यार्थी पास हुए। सचिव सीएस मनीष मिश्रा, पूर्व चेयरमैन अजय त्रिवेदी आदि ने बताया कि कम परिणामों की वजह स्केलिंग रही, जिसकी वजह से कई विद्यार्थियों को विफल रहने पर वापस अपने मॉड्यूल की परीक्षा देनी होगी।
आखिरी तारीख 25 मार्च
जो विद्यार्थी इस दफा विफल रहे, वे फिर से परीक्षा में बैठने का आवेदन 25 मार्च तक कर सकते हैं। इस दौरान ऑनलाइन एप्लीकेशन भरी जा सकेगी।
सीएस बनकर हासिल की मंजिल
हिमांशु अग्रवाल
माता-पिता : बीना और रमेश अग्रवाल
रिएक्शन : मैंने 2013 में सीएस कोर्स में एडमिशन लिया था, आज अपनी मंजिल हासिल होने पर खुशी हो रही है।
लक्ष्य : मेरा लक्ष्य फिलहाल सीएस के तौर पर अपनी प्रोफेशनल पहचान बनाना है।
सुझाव : अपने पर विश्वास रखें, सफलता निश्चित मिलेगी। डीमोटिवेट न हों, उत्साह बनाए रखें।
हार के बाद ही जीत है : नमन मेहरोत्रा
माता-पिता : रागिनी और वीरेंद्र मेहरोत्रा
रिएक्शन : मैंने फाइनल में एक पेपर पांचवीं बार में पास किया है, इस बात पर गर्व नहीं है, लेकिन खुशी है कि हिम्मत नहीं हारी। आपको सीएस बनने के लिए कुल 17 पेपर पास करने होते हैं, मैंने 2011 में एडमिशन लिया था, एक पेपर में बार-बार फेल होने पर लगता था कोर्स छोड़ दूं। लेकिन फिर हिम्मत बनाए रखी और सफलता मिली।
लक्ष्य : इतनी मेहनत से सीएस बना हूं, इसी में अपने को स्थापित करना है।
सुझाव : हिम्मत न हारें, मेरा यह सुझाव उन विद्यार्थियों को है जो पास नहीं हो सके। अगर किसी पेपर में फेल हो रहे हैं तो उन गलतियों से सीखें, जिनकी वजह से पास नहीं हो सके।