लखनऊ गैंगरेप: गार्ड ने ही की थी दरिंदगी
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लखनऊ के मोहनलालगंज के प्राइमरी स्कूल में महिला से गैंगरेप और हत्या का दरिंदा उसी अस्पताल का गार्ड निकला, जिसमें महिला नौकरी करती थी।
पुलिस पूछताछ में गार्ड रामसेवक यादव ने दुष्कर्म और हत्या की बात कुबूल ली है, लेकिन गैंगरेप से इन्कार किया है।
उसका कहना है कि वारदात के दिन उसी ने महिला को फोन करके बुलाया था। इसके बाद बलसिंहखेड़ा के स्कूल में ले जाकर दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी।
उसका कहना है कि उसने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया। रामसेवक बलसिंहखेड़ा का ही रहने वाला है।
कॉल डिटेल के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस रविवार को इस पूरे मामले और इसकी वजह का खुलासा करेगी। इससे पहले गैंगरेप और मर्डर की शिकार महिला की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने रामसेवक को शनिवार को हिरासत में लिया था।
साथ ही बाराबंकी के अजीम, लखनऊ के महेश और पीजीआई थानाक्षेत्र निवासी प्रॉपर्टी डीलर अमित को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड रामसेवक की युवती से अच्छी जान-पहचान थी। बाराबंकी का अजीम भी युवती के घर आता-जाता था।
रखा था फर्जी नाम
सूत्रों के मुताबिक अजीम ही नीरज मिश्रा है। मकान मालिक के शक से बचने और युवती के घर बेरोकटोक आने-जाने के लिए अपना नाम बदला था। वह खुद को युवती का रिश्तेदार बताता था।
युवती के बच्चों को 10 लाख रुपये की मदद
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गैंगरेप और हत्या की शिकार महिला के बच्चों को 10 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया। साथ ही सरकार ने उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की भी घोषणा की।
55 फीसदी ज्यादा दुष्कर्म एक साल में
3050--2013
1963--2012
(ये आंकड़े गृहराज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 16 जुलाई को राज्यसभा में पेश किया।)