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Lucknow News: राजधानी के 2.70 लाख से ज्यादा एमएसएमई को जगी मदद की उम्मीद

Mon, 02 Feb 2026 01:43 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:43 AM IST
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Hope for help rises for over 2.70 lakh MSMEs in the capital
बजट
लखनऊ। सरकार ने सूक्ष्म उद्यमों की मदद के लिए दो हजार करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की है, जबकि लघु और मध्यम उद्यमों के लिए 10 हजार करोड़ की मदद का एलान किया है। वित्त मंत्री के इस एलान से औद्योगिक हलकों में खुशी की लहर है। लखनऊ के 2.70 लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों को एक बार फिर से मदद की उम्मीद जगी है।
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एमएसएमई सेक्टर को विकास का इंजन बताते हुए लघु और मध्यम उद्यमों के लिए इक्विटी समर्थन के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके तहत चुनिंदा मानकों के तहत उत्कृष्ट उद्यम स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सूक्ष्म उद्यमों की मदद के लिए 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत कोष के तहत 2 हजार करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की गई है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉर्पोरेट मित्रों के समूह के विकास के लिए छोटी अवधि के कोर्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करने से उद्योगों को प्रशिक्षित स्टाफ मिलने के साथ साथ युवाओं की बेरोजगारी भी दूर होगी। बता दें कि लखनऊ में 2.70 लाख से ज्यादा सूक्ष्म उद्यम, 5000 से ज्यादा लघु उद्यम और करीब 500 उद्योग मध्यम श्रेणी के तहत पंजीकृत हैं।
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Iबेहतर वित्तीय सहयोग से औद्योगिक विकास को गतिI
Iएमएसएमई के लिए बेहतर वित्तीय सहयोग व लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल और रणनीतिक क्षेत्रों पर फोकस मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करेगा। एमएसएमई के लिए ग्रोथ फंड, क्रेडिट गारंटी और कार्यशील पूंजी की सुविधा से रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।I
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I- राजेश निगम, सह-अध्यक्ष, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, यूपीI
Iएमएसएमई के लिए वैश्विक अनिश्चितता बड़ी चुनौतीI
Iबायोफार्मा शक्ति सकारात्मक कदम है, लेकिन एमएसएमई के लिए क्रेडिट उपलब्धता और वैश्विक अनिश्चितताएं चुनौतियां बनी हुई हैं। पर्याप्त फंडिंग की कमी, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कुशल मानव संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार को और अधिक प्रयास करने होंगे।I

I- रितेश श्रीवास्तव, महासचिव, सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता संघI
Iसूक्ष्म उद्यमों के विकास से संवरेगी इंडस्ट्रीI
Iसरकार की घोषणाओं से तत्काल तो फायदा नहीं मिलता है, लेकिन धीरे-धीरे उद्योगों की हालत बदलेगी। आयुर्वेदिक फार्मा को विकसित करने से किसान, इंडस्ट्री से लेकर सबका विकास होगा। अलग से 2000 करोड़ रुपये से सूक्ष्म उद्यमों को गति मिलेगी। I
I- विकास खन्ना, चेयरमैन, आईआईए, लखनऊ चैप्टरI
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