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बहराइच में खुली अदालत में ऐतिहासिक फैसला : 56 दिन में इंसाफ... सिंहनी के दुष्कर्मी हत्यारे को होगी फांसी
Mon, 16 Aug 2021 09:44 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 16 Aug 2021 09:44 PM IST
सार
कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मृतका को सिंहनी नाम देते हुए घटना को काफी वीभत्स माना है। एडीजी ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये और शासन ने एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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पुलिस की गिरफ्त में अभियुक्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तारीख 22 जून, 2021। बहराइच में नानपारा क्षेत्र के पतरहिया गांव के परशुराम ने गांव की ही डेढ़ साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। हैवानियत के 56 दिन बाद आई इंसाफ की तारीख... 16 अगस्त। ऐतिहासिक फैसला खुली अदालत में आया... कोर्ट ने मासूम को पहले ‘सिंहनी’ नाम दिया और फिर उसके दोषी को मौत की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा- घटना बेहद वीभत्स था। वारदात में आरोपी ने हैवानियत की हदें पार कर दी।
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कोतवाली नानपारा क्षेत्र की मासूम ‘सिंहनी’ को 22 जून को गांव का ही परशुराम घर से उठा ले गया था। गांव के बाहर स्कूल में ले जाकर मासूम से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी थी। मामले की जांच कर रही पुलिस ने जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी। ट्रॉयल अपर सत्र न्यायाधीश रेप व पॉक्सो एक्ट नितिन पांडेय की अदालत में चला। मामले में 10 दिन तक बहस चली और जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) क्रिमिनल मुन्नू लाल मिश्र, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो संत प्रताप सिंह, संतोष सिंह व सुरेंद्र मौर्या ने पैरवी की। घटना को जघन्य अपराध मानते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग रखी।
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कोर्ट ने सोमवार को अभियुक्त परशुराम को दोषी करार दिया और फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। जिले में निचली अदालत का ऐसा ऐतिहासिक फैसला पहली बार आया है। घटना में जल्द कार्रवाई पर एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार ने पुलिस टीम को पचास हजार रुपये और शासन ने एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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