{"_id":"62e2310dcd095302836cf696","slug":"highcourt-orders-to-provide-home-and-job-to-hathras-victim","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: हाथरस पीड़िता के परिवार को नौकरी व आवास देने पर विचार करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: हाथरस पीड़िता के परिवार को नौकरी व आवास देने पर विचार करे सरकार
Thu, 28 Jul 2022 12:17 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 28 Jul 2022 12:17 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हाथरस दुष्कर्म कांड की सुनवाई करते हुए कहा कि जब विवेक तिवारी व मनीष गुप्ता हत्याकांड में पीड़ित पत्नियों को नौकरी दी जा सकती है तो हाथरस पीड़िता के परिजनों को राहत क्यों नहीं दी जा सकती है?
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि हाथरस कांड के पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को तीन माह के भीतर नौकरी देने पर विचार करे। कोर्ट ने कहा कि विवेक तिवारी व मनीष गुप्ता हत्याकांड में राज्य सरकार ने उनकी पत्नियों को नौकरी और आर्थिक सहायता दी तो हाथरस मामले में क्यों नहीं। जबकि सरकार ने खुद 30 सितंबर 2020 के लिखित आश्वासन में हाथरस कांड के पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को ग्रुप सी स्तर की सरकारी नौकरी देने का वादा किया था तो उसे अपना वादा पूरा करना चाहिए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति राजन राय व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया कि वह छह महीने के भीतर पीड़ित परिवार को हाथरस से बाहर प्रदेश में कहीं और रहने का इंतजाम करे। इसमें पीड़ित परिवार के सामाजिक व आर्थिक स्तर का ख्याल रखा जाए। सरकार परिवार के बच्चों की शैक्षिक जरूरतों पर भी विचार करे। यह आदेश कोर्ट ने वर्ष 2020 में हाथरस घटना के बाद स्वत: दर्ज की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दी।
विज्ञापन
इससे पहले पीड़ित परिवार की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि घटना के बाद पीड़िता के पिता व भाइयों की नौकरी चली गई। उनके पास थोड़ी सी जमीन है, जिससे परिवार को गुजारा नहीं चल सकता है। यह भी कहा गया कि घटना के बाद हाथरस में सामान्य जीवन जीना दूभर हो गया है।
विज्ञापन