हाईपावर टीम सच करेगी बुलेट ट्रेन का सपना
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रेलवे की भावी योजनाओं की दिशा अब रेलवे बोर्ड तय नहीं करेगा। एक नई कमेटी बोर्ड में बैठे देश के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों पर नजर रखेगी। यह कमेटी खुद रेलवे की योजनाएं बनाएगी और देश भर के विशेषज्ञों के साथ मिलकर उसे पूरा भी करेगी।
दरअसल, यह सारी कवायद देश में बुलेट ट्रेन जैसी महत्वाकांक्षी योजना को लेकर शुरू हुई है। रेलवे बोर्ड के संयुक्त सचिव एन सोमान के आदेश के बाद हाईपावर कमेटी गठित भी हो गई है। इसमें सेंटर फॉर पालिसी रिसर्च और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े आर्थिक मामलों के जानकारों को रखा गया है।
अब तक रेलवे बोर्ड ही रेलवे के सभी बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए योजना बनाने और उसे पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाता था।
वर्तमान अफसर नहीं कर पा रहे काम
वाराणसी से लखनऊ होकर नई दिल्ली तक बुलेट ट्रेन चलाने के लिए रेलवे को भले ही चीन से तकनीकी मदद मिलने की उम्मीद है, लेकिन उसके लिए रेलवे को ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत है जो इसे मूर्त रूप दे सकें और आने वाली दिक्कतों को दूर कर सकें।
यह कमेटी स्टॉक एक्सचेंज सहित विशेषज्ञ अधिकारियों की रेलवे में तैनाती कराएगी। साथ ही रेल अफसरों का कौशल निखारने के लिए उन्हें विशेषज्ञ विभागों में भेजने की व्यवस्था करेगी।
दरअसल, बुलेट ट्रेन पर आने वाले संभावित खर्च व उसमें सफर के वास्ते लिए जाने वाले किराये और अन्य तरह की जानकारी हासिल करने में रेलवे बोर्ड के वर्तमान अफसर असहज महसूस कर रहे थे।
इसे देखते हुए सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। रेलवे की बड़ी योजना के लिए वित्तीय जरूरत एवं उसके लिए संसाधन जुटाने पर कमेटी अपनी रिपोर्ट भी बनाएगी।
एक साल का होगा कार्यकाल
इस कमेटी का कार्यकाल एक साल का होगा। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में होगा। रेलवे बोर्ड का इंफ्रास्ट्रक्चर निदेशालय कमेटी के समन्वय और कार्रवाई के बीच नोडल निदेशालय के रूप में काम करेगा। रेलवे की ओर से केवल एक अधिकारी रेलवे बोर्ड के ईडीएमई (डब्ल्यू) संजय चंद्रा कमेटी के सचिव बनाए गए हैं।
ये होंगे कमेटी के सदस्य
इस कमेटी के चेयरमैन डॉ. विवेक देबरॉय होंगे। भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर, पीएंडजी के पूर्व सीएमडी गुरचरन दास, सेंटर फॉर पालिसी रिसर्च के सीनियर फे लो प्रोफेसर पार्थ मुखोपाध्याय, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व एमडी रवि नारायन, रेलवे के पूर्व वित्त आयुक्त राजेंद्र कश्यप और वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के एक विशेषज्ञ इसके सदस्य होंगे।