लखनऊ। हाईकोर्ट ने ठाकुरद्वारा मोहल्ले में व्याप्त गंदगी और आवारा जानवरों की समस्या पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम को क्षेत्र में तत्काल सफाई सुनिश्चित करने और आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने इलाके की तस्वीरें देखने के बाद नाराजगी व्यक्त की और टिप्पणी की कि सड़कों पर कूड़े का अंबार लगा है, जिससे स्पष्ट होता है कि लंबे समय से सफाई नहीं की गई है।न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 11 मई नियत कर तब तक पूरे क्षेत्र की सफाई कराने के साथ ही आवासीय इलाके से डंपिंग यार्ड हटाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने यह आदेश सैयद अली हसन आबिदी की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया था कि रिहायशी क्षेत्र में कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि क्षेत्र के निवासी डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि जिम्मेदारी केवल निवासियों पर नहीं डाली जा सकती।