{"_id":"6a0f1a4df60d9c72aa0b9fc6","slug":"high-court-s-big-decision-lucknow-mayor-s-financial-and-administrative-powers-frozen-district-magistrate-wi-2026-05-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: लखनऊ महापौर के वित्तीय- प्रशासनिक अधिकार किए गए फ्रीज, जिलाधिकारी देखेंगे काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: लखनऊ महापौर के वित्तीय- प्रशासनिक अधिकार किए गए फ्रीज, जिलाधिकारी देखेंगे काम
Thu, 21 May 2026 08:14 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 21 May 2026 08:14 PM IST
सार
Lucknow Mayor: लखनऊ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए हैं।
विज्ञापन
महापाैर सुषमा खर्कवाल पर हाईकोर्ट का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को राजधानी के वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को पांच महीने के बाद भी पद एवं गोपनीयता की शपथ न दिलाए जाने पर सख्त नाराजगी जताते हुए लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए हैं। कोर्ट ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को अगले आदेश नगर निगम का काम देखने के लिए कहा है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति एसक्यूएच रिजवी की खंडपीठ ने यह आदेश ललित किशोर तिवारी की याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता ने बताया कि निर्वाचन न्यायाधिकरण ने उन्हें 19 दिसंबर 2025 को निर्वाचित घोषित किया था लेकिन अब तक उनको शपथ नहीं दिलाई गई है। इस बीच पूर्व निर्वाचित सदस्य अभी भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट से भी 20 मई को मामले के पक्षकारों को राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में यह मामला बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए लगा। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि अगली सुनवाई की तिथि 21 मई तक शपथ नहीं दिलाई गई तो लखनऊ के जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त और महापौर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना होगा। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी और नगर आयुक्त पेश हुए। अदालत ने निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ न दिलाए जाने पर अफसरों को फटकार लगाई। साथ ही पिछली सुनवाई के समय के आदेश का पालन न करने पर महापौर के अधिकार फ्रीज कर दिए।
विज्ञापन
अभी कोर्ट का आर्डर नहीं मिला है मगर जो आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा। अभी अस्पताल में हूं। दो-तीन में वहां से आने के बाद आदेश देखकर आगे की कार्यवाही करूंगी।- सुषमा खर्कवाल, महापौर