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धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति देने की प्रक्रिया ने बिगाड़े हालात: हाईकोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:29 AM IST
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- फोटो : amar ujala
धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और अनियंत्रित हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर रोकथाम के लिए गृह सचिव अरविंद कुमार के जवाब से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गृह सचिव को दुबारा हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
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अदालत का यह भी कहना है कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेने की प्रक्रिया ने हालात बिगाड़ने का ही काम किया है। अदालत ने प्रदेश सरकार से अपेक्षा की है कि ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए वह प्रभावी कदम उठाएगी।
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जस्टिस विक्रमनाथ और अब्दुल मोईन ने अपने आदेश में कहा है कि यूपीपीसीबी को पूर्व में छूट दी गई थी। अब गृह सचिव के साथ यूपीपीसीबी चेयरमैन भी अपना जवाब दाखिल करें। दोनों के हलफनामे आने पर 12 मार्च को मामले में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के 20 दिसंबर 2017 के आदेश के अनुपालन में गृह सचिव को दुबारा हलफनामा देना है।
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वहीं, याचिकाकर्ता मोतीलाल यादव ने मांग की है कि जिस तरह एमवी एक्ट में संशोधन कर गाड़ियों से नीली-लाल बत्ती हटवाई गई, उसी तरह बुजुर्ग, बीमार और छात्रों के हित को देखते हुए लाउडस्पीकर के लिए भी फैसला लिया जाए। इससे ध्वनि प्रदूषण से काफी राहत मिल सकेगी।