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हाईकोर्ट ने अवमानना के मामले में दिया निर्देश, जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष के खिलाफ वारंट जारी
Sat, 13 Apr 2019 10:25 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 13 Apr 2019 10:25 PM IST
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Lucknow High Court
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अवमानना के मामले में शुक्रवार को जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष शिवदान यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने यह आदेश रामेश्वर दयाल रस्तोगी की अवमानना याचिका पर दिया। अगली सुनवाई 8 मई को होगी।
याची ने कोर्ट को बताया कि उसने यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बिजली मीटर न लगाने की शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम से की थी। इस पर फोरम ने कॉर्पोरेशन को एक माह में नया मीटर लगाने और याची को 15 हजार रुपये भुगतान करने के निर्देश दिए थे। रकम अदा न करने पर प्रतिदिन 50 रुपये जुर्माना देने के भी निर्देश दिए गए थे।
कॉर्पोरेशन ने इस आदेश को राज्य उपभोक्ता फोरम में चुनौती दी, लेकिन फैसला याची के पक्ष में हुआ। बाद में कॉर्पोरेशन ने राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम में अपील की। वहां फैसला कॉर्पोरेशन के पक्ष में आया। इस पर याची ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया था।
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याची ने कोर्ट को बताया कि उसने यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बिजली मीटर न लगाने की शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम से की थी। इस पर फोरम ने कॉर्पोरेशन को एक माह में नया मीटर लगाने और याची को 15 हजार रुपये भुगतान करने के निर्देश दिए थे। रकम अदा न करने पर प्रतिदिन 50 रुपये जुर्माना देने के भी निर्देश दिए गए थे।
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कॉर्पोरेशन ने इस आदेश को राज्य उपभोक्ता फोरम में चुनौती दी, लेकिन फैसला याची के पक्ष में हुआ। बाद में कॉर्पोरेशन ने राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम में अपील की। वहां फैसला कॉर्पोरेशन के पक्ष में आया। इस पर याची ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया था।
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रिट कोर्ट ने दो दिसंबर 2016 को जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश को बहाल करते हुए कॉर्पोरेशन को एक माह में नया मीटर लगाने के निर्देश दिए थे। याची के यहां नया मीटर लगा दिया गया, मगर उसे हर्जाने की राशि का भुगतान नहीं किया गया।
इस तरह फोरम अपने ही आदेशों का पालना सुनिश्चित नहीं करा पाया। इस पर हाईकोर्ट ने 12 फरवरी 2019 को जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
साथ ही चेतावनी भी दी थी कि ऐसा न होने की दशा में विपक्षी पक्षकार को 12 अप्रैल को अदालत में हाजिर होना होगा। लेकिन तय तिथि पर फोरम के अध्यक्ष न कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए और न ही हलफनामा दाखिला किया। हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए फोरम के अध्यक्ष के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इस तरह फोरम अपने ही आदेशों का पालना सुनिश्चित नहीं करा पाया। इस पर हाईकोर्ट ने 12 फरवरी 2019 को जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
साथ ही चेतावनी भी दी थी कि ऐसा न होने की दशा में विपक्षी पक्षकार को 12 अप्रैल को अदालत में हाजिर होना होगा। लेकिन तय तिथि पर फोरम के अध्यक्ष न कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए और न ही हलफनामा दाखिला किया। हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए फोरम के अध्यक्ष के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं।