{"_id":"6a7251c28cd653be2d0bfb87","slug":"high-court-displeased-over-land-acquisition-for-bharwara-railway-overbridge-lucknow-news-c-13-1-lko1029-1861093-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: भरवारा रेलवे ओवर ब्रिज भूमि अधिग्रहण पर हाईकोर्ट नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: भरवारा रेलवे ओवर ब्रिज भूमि अधिग्रहण पर हाईकोर्ट नाराज
विज्ञापन
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी में भरवारा रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण पर सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने पहली नजर में आया कि अधिग्रहण से लोगों का न्यूनतम विस्थापन सुनिश्चित करने और उनके लिए वैकल्पिक जगह पर गौर करने की प्रक्रिया का समुचित पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने इस मुद्दे पर बुधवार( 5 अगस्त) को राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खांपपीठ ने यह आदेश वैज्ञानिक स्वामी सत्यप्रकाश वेद विज्ञान सेवा समिति की जनहित याचिका समेत छह याचिकाओं पर दिया। इसमें ओवरब्रिज निर्माण का मुद्दा उठाया गया है।
खंडपीठ ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अधिसूचना में किसी परिवार के विस्थापन से इन्कार किया गया है। जबकि सामाजिक प्रभाव आकलन( एस आई ए) रिपोर्ट प्रभावित परिवारों के विस्थापन का जिक्र करती है। कोर्ट ने इसी विरोधाभास पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई 5 अगस्त को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खांपपीठ ने यह आदेश वैज्ञानिक स्वामी सत्यप्रकाश वेद विज्ञान सेवा समिति की जनहित याचिका समेत छह याचिकाओं पर दिया। इसमें ओवरब्रिज निर्माण का मुद्दा उठाया गया है।
विज्ञापन
खंडपीठ ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अधिसूचना में किसी परिवार के विस्थापन से इन्कार किया गया है। जबकि सामाजिक प्रभाव आकलन( एस आई ए) रिपोर्ट प्रभावित परिवारों के विस्थापन का जिक्र करती है। कोर्ट ने इसी विरोधाभास पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई 5 अगस्त को होगी।
विज्ञापन