आजम के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने मांगा जवाब
सूबे के कैबिनेट मंत्री मो. आजम खां के खिलाफ लाभ के दोहरे पद के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
अदालत ने नगर विकास विभाग के सचिव को जवाबी हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि उ.प्र. जलनिगम के चेयरमैन को कौन से लाभ (रिन्यूमरेशन) मिलते हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को नियत की है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति श्री नारायण शुक्ल की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश आजम खां के खिलाफ लाभ के दोहरे पद धारण करने के आरोपों वाली जनहित याचिका पर दिया।
याचिका में आजम खां को कैबिनेट मंत्री बने रहने से रोके जाने के साथ विधायक के रूप में अयोग्य ठहराए जाने की गुजारिश की गई है।
राज्य सरकार ने किया था बचाव कहा, नहीं ले रहे लाभ
याची राम सेवक शुक्ल के अधिवक्ता हरिशंकर जैन के मुताबिक आजम खां कैबिनेट मंत्री होने के साथ ही यूपी जलनिगम के चेयरमैन भी हैं, जो लाभ के दोहरे पद के दायरे में आता है।
इससे पहले याचिका का विरोध कर राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि यह मामला लाभ के दोहरे पद का नहीं है क्योंकि आजम खां बतौर जलनिगम चेयरमैन कोई रिन्यूमरेशन नहीं ले रहे हैं।
इसके जवाब में याची के वकील का कहना था कि कानूनन, आजम लाभ के दोहरे पद से छूट प्राप्त (एग्जम्पटेड) नहीं माने जा सकते क्योंकि चेयरमैन के लिए वेतन देय हैं। ऐसे में रिन्यूमरेशन लेने या न लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के समय जैन ने एक दस्तावेज पेश कर अदालत को बताया कि वर्ष 2004 में यूपी जलनिगम के तत्कालीन चेयरमैन को निगम के कोष से ही वेतन का भुगतान किया गया।