{"_id":"0c474eb7c41f83b456d312f4a2d9dff8","slug":"hc-orders-to-cancel-the-adjustment-of-shikshamitra-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने रद्द किया 1.70 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने रद्द किया 1.70 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 12 Sep 2015 04:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अखिलेश सरकार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में तैनात 1.31 लाख शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द कर दिया हैं। वहीं सरकार के 1.70 लाख शिक्षामित्रों के आदेश को निरस्त कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में शनिवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने यह आदेश दिया।
विज्ञापन
इस नियुक्ति का आदेश बीएसए ने साल 2014 में जारी किया था जिसे कोर्ट ने आज रद्द कर दिया है। शिक्षामित्रों की इस भर्ती को हाईकोर्ट ने अवैध माना। हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षामित्र टीईटी पास नहीं हैं इसलिए इनको सहायक अध्यापक के तौर पर नियुक्ति नहीं मिल सकती।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्धारित योग्यता न होने और बिना संस्तुति वाले पदों के आधार पर ये नियुक्ति रद्द कर दी है। हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार को समायोजन का अधिकार नहीं है। राज्य सरकार ने करीब 1.70 लाख शिक्षामित्रों के समायोजन का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि राज्य सरकार अब तक 1 लाख 31 हजार से ज्यादा शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बना चुकी है, इन सभी की नियुक्ति आज रद्द कर दी गई। हाईकोर्ट के मुताबिक नियमों में किया गया संशोधन असंवैधानिक है।