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न्याय पाने के लिए टंकी पर चढ़ा पूरा परिवार 24 घंटे बाद उतरा नीचे, अधिकारियों ने ली राहत की सांस

Sat, 05 Oct 2019 02:16 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Prachi Priyam Updated Sat, 05 Oct 2019 02:16 PM IST
सार

  • पुलिस के कार्रवाई न करने से क्षुब्ध परिवारीजनों ने डीएम व एसपी के खिलाफ लगाए नारे
  • हरदोई के एएसपी, सीओ समेत लखनऊ पुलिस की टीम व फायर ब्रिगेड मौके पर बुलाई गई
  • न्याय न मिलने पर शनिवार सुबह खुदकुशी की दी धमकी, पुलिस के टंकी पर चढ़ने पर धमकाया

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Hardoi family climbs water tank in Lucknow demanding justice from CM Yogi Adityanath
पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार - फोटो : amar ujala

विस्तार

लखनऊ काकोरी थाना क्षेत्र मे जॉगर्स पार्क के पास पानी की टंकी पर कल से चढ़े सात लोगो को प्रशसन की कड़ी मेहनत के बाद नीचे उतार लिया गया। हरदोई एसपी आलोक प्रियदर्शी, DM हरदोई व लखनऊ पुलिस मलिहाबाद सीओ मो कासिम और काकोरी पुलिस के प्रयास से सभी लोगों को टंकी से उतारने मे सफल मिली।

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इससे पहले शुक्रवार सुबह हरदोई के अधिवक्ता विनय प्रताप सिंह पत्नी राधा व परिवार के सात सदस्यों को लेकर जॉगर्स पार्क के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। शुक्रवार को 11 बजे हरदोई से आकर दुबग्गा में जॉगर्स पार्क के पास स्थित बनी पानी की टंकी पर परिवार सहित चढ़े वकील पूरी रात टंकी से नीचे नहीं उतरा।
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रात भर हरदोई एसपी सहित कई अधिकारी मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ मौजूद रहे। विशेष दस्ता भी टंकी से उतारने में नाकाम रहा। अधिकारी रात भर मान मनौव्वल करते रहे लेकिन परिवार नहीं माना। शनिवार को हरदोई जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसपी आलोक प्रियदर्शी, लखनऊ एडीएम प्रशासन प्रकाश गुप्ता, एसपी ग्रामीण विक्रांत बीर सिंह, पुलिस फोर्स सहित फायर बिग्रेड एम्बुलेंस की गाड़ियां मौके पर मौजूद।
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अधिवक्ता ने हरदोई के जमीन के विवाद में पौने चार साल पहले भाई विवेक सिंह के अपहरण के मामले में कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए वहां के एसपी और डीएम के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने टंकी पर चढ़ने का प्रयास किया तो अधिवक्ता ने साथ लाई पेट्रोल की बोतल शरीर पर उड़ेलकर आग लगाने की धमकी दी। अधिकारियों ने हरदोई के डीएम से फोन पर बात कराने की कोशिश की, लेकिन अधिवक्ता नहीं माने।

मुख्यमंत्री या डीजीपी के अलावा किसी से भी बात करने से इनकार करते हुए शनिवार सुबह पूरे परिवार ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की धमकी दी। जानकारी पाकर हरदोई के एएसपी ज्ञानंजय सिंह और सीओ संडीला अमित कुमार श्रीवास्तव भी उन्हें मनाने काकोरी पहुंच गए। 

देर रात तक पुलिस-प्रशासन के अधिकारी अधिवक्ता व उनके परिवारीजनों को टंकी से सुरक्षित उतारने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर कई थानों की फोर्स और फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद थी। इसके अलावा पुलिस ने टंकी के आसपास लाइटें लगवाकर रोशनी का इंतजाम किया। 

एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर ने बताया कि विनय प्रताप सिंह हरदोई के सिरसा थाना क्षेत्र के छोली बरिया के मजरा सिघवामऊ गांव का रहने वाला है। उसका आरोप है कि गांव के लल्लन सिंह, वीरपाल सिंह उर्फ भोला, संजय सिंह, कृष्णपाल सिंह उर्फ केपी, अमर सिंह व भरत सिंह ने परिवार की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है।

विरोध पर जनवरी 2016 में आरोपियों ने भाई विवेक प्रताप सिंह को अगवा कर लिया। उन्होंने सिरसा थाना में केस दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दबंगों की दहशत से वह और पूरा परिवार गांव छोड़कर भटक रहा है। देर रात तक मौके पर एएसपी ग्रामीण के अलावा एसडीएम, तहसीलदार, हरदोई के एएसपी, सीओ संडीला समेत कई थानों की पुलिस फोर्स अधिवक्ता व उनके परिवारीजनों को समझाने के प्रयास में जुटी थी। 

पुलिस का खाना-पानी फेंका, सिर्फ मोबाइल का पावर बैंक लिया
विनय अपने साथ खाने-पीने का सामान लेकर टंकी पर चढ़ा है। उनके साथ पत्नी राधा सिंह, भाई अजय प्रताप सिंह, अजय की पत्नी माला व नौ साल का बेटा शिव सिंह, बहन राजवती व उसकी बेटी पूनम हैं। सभी हरदोई के डीएम-एसपी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस ने खाने-पीने का सामान भेजा जिसे सबने लौटा दिया। पूरे समय पुलिस विनय और उसके परिवारीजनों से मोबाइल फोन पर बात करती रही। 

विनय के मोबाइल फोन की बैटरी खत्म हो गई, जिससे वह स्विच ऑफ हो गया। पुलिस ने पावर बैंक और पानी की बोतलें ऊपर भिजवाईं। विनय ने पावर बैंक तो ले लिया पर पानी की बोतलें फेंक दीं। उसने पुलिस के हाथ का दिया कुछ भी खाने-पीने से साफ इनकार कर दिया।

सुबह 11 बजे टंकी पर चढ़े, देर रात तक नहीं उतरे

विनय प्रताप सिंह और उनके परिवार के छह सदस्य सुबह करीब 11 बजे टंकी पर चढ़े थे। पूरा दिन उन्हें टंकी से नीचे उतारने में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगे रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। खबर लिखे जाने तक सभी सातों लोग टंकी पर ही थे और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तमाशबीन बनकर खड़े हुए थे।

डीएम-एसपी के हाथ से निकल चुका है मामला
विनय और उसके परिवारीजनों को टंकी से उतारने के लिए काकोरी पुलिस ने उसे काफी समझाया। खुदकुशी करने की कोशिश पर मुकदमा दर्ज होने की चेतावनी भी दी। हालांकि, वह नहीं माना। पुलिसकर्मियों ने लाउड स्पीकर से बोलते हुए हरदोई के डीएम पुलकित खरे और एसपी आलोक प्रियदर्शी से बात करने को कहा। 

हालांकि, विनय ने किसी से भी बात करने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि अब मामला डीएम और एसपी के हाथ से निकल चुका है। वह सिर्फ मुख्यमंत्री या फिर डीजीपी से ही मिलकर शिकायत कहेगा।

पुलिस टंकी पर चढ़ी तो पेट्रोल से भीगा कपड़ा जलाकर दी धमकी

काकोरी पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने टंकी पर चढ़ने की कोशिश की तो विनय प्रताप सिंह ने एक कपड़े में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जलता हुआ कपड़ा एक डंडे में लपेटकर वह लहराने लगा और पुलिस के ऊपर आने पर सबको जलकर मरने की धमकी दी। विनय का कहना था कि वह अपने साथ पांच लीटर पेट्रोल लाया है।

आरोपियों में एक दरोगा, इसलिए दबाया जा रहा मामला 
विनय प्रताप सिंह ने हरदोई पुलिस पर आरोपियों से रुपया लेकर मामला रफा-दफा करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि वह पौने चार साल से अपने लापता भाई की तलाश करने के लिए पुलिस के लगातार चक्कर लगा रहा है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। काफी दबाव पड़ने पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा, लेकिन ले-देकर छोड़ दिया। विनय का कहना था कि एक आरोपी अमर सिंह यहां लखनऊ रेंज कार्यालय में तैनात है। इसलिए पुलिस उसके पक्ष में खुलकर खड़ी है। 

मुआवजा, सरकारी नौकरी व सीबीआई जांच की मांग

विनय और उसके परिवारीजनों ने पुलिस-प्रशासन से अपनी मांग पूरी न होने तक टंकी से नीचे न उतरने की बात कही। उनका कहना था कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पुलिस और दबंगों की प्रताड़ना व भाई के गायब होने पर परिवारीजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। परिवारीजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और मामले की सीबीआई जांच की जाए।

पानी की टंकी के आसपास नहीं है सुरक्षा का इंतजाम
जिस पानी की टंकी पर विनय प्रताप सिंह और उसके परिवारीजन चढ़े हैं, उसके आसपास सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। परिसर का गेट खुला हुआ है और कोई भी व्यक्ति वहां आसानी से आवाजाही कर सकता है। कोई चौकीदार न होने के चलते ही विनय और उसके परिवारीजन आसानी से टंकी पर चढ़ गए।
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