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Lucknow News: हत्या में इस्तेमाल बंदूक बेची, एफआईआर
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लखनऊ। मड़ियांव में वर्ष 2011 में हुई हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए बलराम यादव ने अदालत की रोक के बावजूद घटना में इस्तेमाल लाइसेंसी बंदूक बेच डाली। उसने शस्त्र लाइसेंस को भी बेटे राम किशोर के नाम स्थानांतरित कर दिया। मामले में आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ सैरपुर थाने में एफआईआर कराई गई है।
मड़ियांव के मुबारकपुर निवासी लक्ष्मी शंकर के अनुसार 23 नवंबर 2011 को बलराम यादव ने दिनदहाड़े लाइसेंसी एसबीबीएल 12 बोर बंदूक से उनके चाचा की हत्या कर दी थी। बलराम यादव समेत कई लोगों के खिलाफ मड़ियांव थाने में हत्या व अन्य धाराओं में एफआईआर हुई थी। कोर्ट ने नौ मई 2025 को आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पहले कोर्ट ने एक अक्तूबर 2012 को आदेश दिया था कि घटना में इस्तेमाल बंदूक को न तो बेचा जाएगा और न ही उसके स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे कोर्ट या पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
आरोप है कि बलराम यादव ने वर्ष 2018 में एफआईआर दर्ज होने के दौरान ही बंदूक बेच दी और पुलिस व न्यायालय से यह तथ्य छिपाया। उसने वर्ष 2020 में अपने शस्त्र लाइसेंस को बेटे राम किशोर के नाम स्थानांतरित करा दिया। आरोप है कि राम किशोर ने भी जांच के दौरान तथ्यों को छिपाते हुए झूठी जानकारी देकर नया शस्त्र लाइसेंस हासिल कर लिया। एसओ सैरपुर मनोज कोरी ने बताया कि जांच चल रही है।
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मड़ियांव के मुबारकपुर निवासी लक्ष्मी शंकर के अनुसार 23 नवंबर 2011 को बलराम यादव ने दिनदहाड़े लाइसेंसी एसबीबीएल 12 बोर बंदूक से उनके चाचा की हत्या कर दी थी। बलराम यादव समेत कई लोगों के खिलाफ मड़ियांव थाने में हत्या व अन्य धाराओं में एफआईआर हुई थी। कोर्ट ने नौ मई 2025 को आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पहले कोर्ट ने एक अक्तूबर 2012 को आदेश दिया था कि घटना में इस्तेमाल बंदूक को न तो बेचा जाएगा और न ही उसके स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे कोर्ट या पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
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आरोप है कि बलराम यादव ने वर्ष 2018 में एफआईआर दर्ज होने के दौरान ही बंदूक बेच दी और पुलिस व न्यायालय से यह तथ्य छिपाया। उसने वर्ष 2020 में अपने शस्त्र लाइसेंस को बेटे राम किशोर के नाम स्थानांतरित करा दिया। आरोप है कि राम किशोर ने भी जांच के दौरान तथ्यों को छिपाते हुए झूठी जानकारी देकर नया शस्त्र लाइसेंस हासिल कर लिया। एसओ सैरपुर मनोज कोरी ने बताया कि जांच चल रही है।
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