प्रधानमंत्री मोदी को सरप्राइज देंगे पाकिस्तानी गायक गुलाम अली
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संगीत के बहाने भारत-पाक रिश्तों की कड़वाहट दूर करने का एक अहम मौका काशी को मिला है। शहर के लोगों के मन में दिलों के दरवाजे खोलने की यह ख्वाहिश पैदा हुई है, पाकिस्तान के मशहूर गजल गायक गुलाम अली की संकट मोचन संगीत समारोह में आठ अप्रैल को लगने वाली हाजिरी के बहाने।
इस समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी के आने की सुगबुगी जहां सुर्खियां बटोरने लगी है, वहीं गुलाम अली ने रविवार की शाम अमर उजाला से बातचीत में उनको मुहब्बती और सबके दिल के करीब रहने वाला इंसान बताया।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अगर संकट मोचन में आए, तो मैं उन्हें सुरों से सरप्राइज दूंगा। काशी में होने वाली अपनी पहली प्रस्तुति को गुलाम अली ने मुहब्बत का पैगाम बताया है।
आठ अप्रैल की शाम वे यहां देश-दुनिया के संगीत प्रेमियों के लिए ठुमरी, चैती की खास सौगात लेकर आएंगे। रविवार रात हैदराबाद में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पहले उन्होंने फोन पर अमर उजाला से बातचीत में संकट मोचन संगीत समारोह को लेकर अपनी खास पेशकश से जुड़ी भावनाएं साझा कीं।
'हम रहते पाकिस्तान में है मगर दिल में हिंदुस्तान है'
दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट की वजहों के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान हो या पाकिस्तान, दोनों देशों में मुहब्बत करने वाले लोग हैं। मेरे गुरु बड़े गुलाम अली भारत के ही थे, इसलिए हम रहते तो हैं पाकिस्तान में लेकिन दिल हिंदुस्तान में ही है।
पीएम मोदी अगर उनको सुनने के लिए संकट मोचन में आए तो उनके सामने क्या पेश करेंगे, इस पर गुलाम अली हंस पड़े। कहा, अभी परदा नहीं उठाना चाहता। कुछ उन घड़ियों के लिए रहने दीजिए।
हिंदुस्तान के वजीरेआजम को सुरों का सरप्राइज भेंट करूंगा। मोदी को लेकर मुसलमानों में पैदा डर या चिंता कितनी है, इस पर उनका कहना था कि मोदी सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। अल्लाह उन्हें सलामत रखें।
वे इसी तरह दुनिया का प्यार बटोरते रहें। संकट मोचन के दरबार में अपनी हाजिरी को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि संकट मोचन के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र इबादती तो हैं ही, कलाकारों के लिए उनके दिल में बहुत जगह है।