गुड़ उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा महोत्सव : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में आयोजित राज्य गुड़ महोत्सव गुड़ से बने उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। सरकार गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है। पिछले साल तक के गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है। इस वर्ष के भी गन्ना मूल्य का 52-53 प्रतिशत भुगतान करवा चुके हैं। प्रदेश सरकार की नीतियों के चलते खांडसारी उद्योग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रथम राज्य गुड़ महोत्सव-2021 के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। सीएम ने कहा कि 60 लाख गन्ना किसानों की दशा में बदलाव लाना ही इस आयोजन का उद्देश्य है। ताकि बेहतर ब्रांडिंग से बड़ा बाजार और लाभकारी मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति लोगों के नजरिये में काफी बदलाव आया है। 2017 में जब हम सत्ता में आए तब 6-7 वर्षों का गन्ना मूल्य बकाया था।
खांडसारी उद्योग को आसानी से लाइसेंस नहीं मिलता था। हमने जहां लाइसेंस शुल्क कम किया, वहीं लाइसेंस के लिए चीनी मिल से दूरी भी 15 किमी से घटाकर 7.5 किमी कर दी। तीन जिलों को गुड़ के लिए ओडीओपी योजना के तहत लाए। उन्होंने क हा कि प्रदेश के 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। इन सभी प्रयासों का नतीजा है कि आज गुड़ का दाम चीनी से ज्यादा है। ऑनलाइन पर्चियां जारी की जा रही हैं।
चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि हमारी सरकार ने न सिर्फ बंद मिलों को चलाया, बल्कि नई मिलें भी स्थापित कीं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के आदर्शों के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईमानदार राजनेता की मिसाल कायम की है। कोरोना संकट के बावजूद इस उद्योग के लिए किसी चीज की कमी नहीं आने दी। स्वागत वक्तव्य अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी ने रखा।
बेचने नहीं टेस्ट कराने आए हैं गुड़
गुड़ के लड्डू, चॉकलेट और क्यूब आदि विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाले उत्पादक इस महोत्सव को लेकर काफी उत्साहित दिखे। राजहर, शामली से आए तैय्यब अंसारी कहते हैं कि हम यहां लोगों को गुड़ बेचने नहीं, बल्कि उसका स्वाद चखाने आए हैं। ताकि, वे जान सकें कि गुड़ के बेहतर से बेहतर उपलब्ध सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्र में तय हो सकते हैं।
तैय्यब बरसों से इस व्यवसाय में हैं, पर वह कहते हैं कि इतना ज्यादा प्रोत्साहन पहली बार देखने को मिला। बिजनौर से चंदपुर के सुरेश चंद गुप्ता कहते हैं कि उनका खांडसारी का लाइसेंस 2001-02 का है। उत्पाद के प्रचार का अवसर मिलेगा तो कारोबार को कई गुना बढ़ाने का मौका मिलेगा। मुजफ्फरनगर के घोपा गांव के अभिजीत कहते हैं कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन इस तरह से लखनऊ के भीतर अपने उत्पाद के प्रदर्शन का मौका मिलेगा।