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गृहकर-जलकर में एकमुश्त समाधान योजना को हरी झंडी, चार लाख करदाताओं को मिलेगा लाभ

Tue, 26 Feb 2019 01:25 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Tue, 26 Feb 2019 01:25 AM IST
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Green signal for ots, relief to 4 lakh taxpayers
नगर निगम सदन की बैठक - फोटो : अमर उजाला
आम आदमी को सहूलियत देने और बकाया टैक्स वसूली के लिए नगर निगम की सदन ने सोमवार को गृहकर व जलकर में एकमुश्त समाधान योजना लागू करने का प्रस्ताव बहुमत से पास कर दिया। नगर निगम और जलकल के करीब चार लाख करदाताओं को फायदा होगा। इनमें तीन लाख गृहकर व एक लाख जलकरदाता हैं।
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सदन ने मूल प्रस्ताव में संशोधन कर 200 वर्ग फीट तक की सभी दुकानों (मॉल व प्लाजा की दुकानों को छोड़कर) ओटीएस का लाभ दे दिया। मूल प्रस्ताव में 200 वर्ग फीट की उन दुकानों को बाहर कर दिया गया था, जिनमें एसी लगा है। प्रस्ताव पास होने के बाद देर शाम इसकी जानकारी शासन को भेज दी गई।
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अब शासन योजना लागू करने को आदेश जारी करेगा। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में 5.49 लाख भवन गृहकर के दायरे में हैं। हालांकि इनमें से करीब तीन लाख ऐसे गृहकरदाता हैं जिन पर निगम का करीब 800 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 250 करोड़ तो ब्याज ही है।
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एकमुश्त समाधान योजना पास होने के बाद अब बकायेदारों का ब्याज तो माफ होगा ही, उन्हें 20 अप्रैल तक टैक्स जमा करने पर बकाये पर 20 प्रतिशत और मई तक जमा करने पर बकाये पर 10 प्रतिशत छूट भी मिलेगी। यह नियम जलकर पर लागू किया गया है।

विभाग ने ओटीएस को लेकर जो प्रस्ताव पेश किया था, उसमें सिर्फ सरचार्ज माफ करने की बात थी। इसे लेकर पार्षद गिरीश मिश्र, यावर हुसैन रेशू, शफीकुर्रहमान चचा और अमित चौधरी और नागेंद्र सिंह चौहान ने सदन में प्रस्ताव रखा कि जिस तरह गृहकर में ओटीएस योजना लागू की जा रही है।

उसी तरह जलकर में भी लागू की जाए। इस पर महापौर और नगर आयुक्त ने जलकल महाप्रबंधक एसके वर्मा से राय मांगी तो उन्होंने हामी भर दी। इसके बाद सदन ने प्रस्ताव पास कर दिया। अब जलकर पर भी सरचार्ज माफ करने के साथ बकाये पर अप्रैल तक 20 और 31 मई तक 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

200 वर्ग फीट की एसी वाली दुकानों को भी लाभ
सदन में जो प्रस्ताव आया था, उसमें 200 वर्ग फीट की उन्हीं दुकानों को ओटीएस योजना का लाभ देने का प्रस्ताव था, जिनमें एसी न लगा हो। इसे लेकर पार्षद गिरीश मिश्र, मो. सलीम, ममता चौधरी और यावर हुसैन रेशू और रमेश कपूर बाबा ने कहा कि अब तो नाई की दुकान में भी एसी लगा होता है। ऐसी में यह शर्त हटाई जाए। पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस शर्त से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद महापौर ने एसी की शर्त हटाकर प्रस्ताव पास कर दिया। हालांकि नगर आयुक्त के सुझाव पर मॉल और प्लाजा की उन दुकानों को ओटीएस योजना से बाहर रखा गया जिनमें एसी लगा होगा। नगर आयुक्त का कहना है कि योजना छोटे दुकानदारों के लिए है। मॉल और प्लाजा वाले तो टैक्स दे सकते हैं।

...तो बढ़ी आम जनता के लिए छूट
सरकारी विभागों के लिए ओटीएस का लाभ छह महीने तक और आम जनता के लिए तीन महीने तक ही छूट देने के प्रस्ताव का सभी दलों के पार्षदों ने विरोध किया। पार्षद गिरीश, नागेंद्र और रेशू और सलीम ने कहा आम लोगों को भी छह महीने तक ओटीएस का लाभ मिले। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि सरकारी विभागों को छह महीने का समय इसलिए दिया जा रहा है कि  क्योंकि उन्हें बजट पास कराना होगा। आम जनता को भी इतना समय दिया गया तो योजना का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इस पर भी पार्षद नहीं माने तो नगर आयुक्त ने ओटीएस में बकाया जमा करने पर 31 मार्च तक दी जाने वाले 20 प्रतिशत की छूट को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हो गया।

बाबुओं के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति
नगर निगम ने 2010 में गृहकर की दरें बढ़ाई थीं। इनके तहत अभी भी पुनरीक्षण का काम नहीं हो पाया है। ऐसे में अब जब भी पुनरीक्षण हो रहा है तो भवनस्वामी पर 2010 से चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जा रहा है। निगम की लापरवाही का खामियाजा वे भी भुगत रहे, जो अब तक पुरानी दरों के तहत समय से टैक्स जमा कर रहे हैं। पुनरीक्षण के बाद उन पर नई दरों के तहत जो क्षेत्र बनता है उस पर ब्याज लगा दिया जाता है। इसे लेक र विवाद शुरू हुआ तो तीन साल पहले सदन ने यह प्रस्ताव पास किया था कि पुनरीक्षण के बाद पहला बिल जारी होने पर जो ब्याज लगा होगा वह माफ कर दिया जाएगा। इसका ब्याज माफ तो हो रहा था, मगर इसके लिए भवन स्वामी को चक्कर काटने के अलावा सुविधा शुल्क भी देना पड़ रहा था। अब ओटीएस में बकायेदारों को राहत मिलेगी। ब्याज माफ होने के साथ बकाया मूल पर छूट मिलेगी।

किस प्रकार के भवन पर कितना ओटीएस का लाभ
सभी प्रकार के आवासीय भवन : पूरा ब्याज माफ और 30 अप्रैल तक बकाया टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत और 31 मई तक जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट।
200 वर्ग फीट तक की दुकान (मॅाल, प्लाजा की एसी वाली दुकान छोड़)- पूरा ब्याज माफ और 30 अप्रैल तक बकाया टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत और 31 मई तक जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट। शिक्षण संस्थानों से संबद्ध छात्रावास और शैक्षणिक संस्थान - पूरा ब्याज माफ। 30 अप्रैल तक बकाया टैक्स जमा करने पर 20 और 31 मई तक जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट। सरकारी व अर्द्धसरकारी कार्यालय - पूरा ब्याज माफ और योजना लागू होने की तिथि से छह महीने में भुगतान करने की छूट


इन शर्तों के तहत मिलेगा ओटीएस योजना का फायदा
कुल बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त निश्चित समय के अंदर करना होगा। योजना लागू होने से पहले किए गए भुगतान का कोई समायोजन नहीं होगा।
आंशिक भुगतान की स्थिति में अवशेष राशि पर ही योजना का लाभ मिलेगा। निजी छात्रावासों को ओटीएस का लाभ नहीं दिया जाएगा। ओटीएस के तहत अन्य किसी तरह की छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा।
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