{"_id":"5e62aecc8ebc3eebcb70d71a","slug":"grand-corridor-will-be-built-from-ram-temple-to-hanumangarhi-and-saryu","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राममंदिर से हनुमानगढ़ी और सरयू तक बनेगा भव्य कॉरिडोर, चंपत राय आज आएंगे रामलला परिसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राममंदिर से हनुमानगढ़ी और सरयू तक बनेगा भव्य कॉरिडोर, चंपत राय आज आएंगे रामलला परिसर
Sat, 07 Mar 2020 01:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 07 Mar 2020 01:43 AM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भव्य राममंदिर निर्माण की दिशा में ट्रस्ट की निर्माण समिति ने सरकार के साथ मिलकर बड़ा फैसला लिया है। अब श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के साथ सरयू तक भव्य कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। इसका दायरा राममंदिर से हनुमानगढ़ी होकर सरयू तट तक होगा। सैंकड़ों मठ-मंदिर व पार्क कॉरिडोर का हिस्सा बनेंगे।
विज्ञापन
इस ले आऊट में आने वाले भूमि-भवन व व्यावसायिक इमारतों का मूल्यांकन करके काशी की तर्ज पर सरकार अधिग्रहण कर सकती है। इसके लिए जल्द ही मौके पर मैपिंग व सर्वे करने कुशल इंजीनियरों की टीम जाएगी, जो कॉरिडोर समेत राममंदिर व परिसर की भव्यता की लागत के साथ डिजाइन तैयार करेगी।
विज्ञापन
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत वरिष्ठ आईएएस नृपेंद्र मिश्र ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक की है। ट्रस्ट की ओर से सिर्फ महासचिव चंपत राय इसमें शामिल थे, जबकि सरकार के कई शीर्ष अधिकारी, आर्किटेक्ट, टेक्नोक्रेट समेत गुजरात में स्टेचु फॉर यूनिटी से जुड़े कुशल इंजीनियर थे। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके बेहद करीबी नृपेंद्र मिश्र ने अनौपचारिक रूप से 29 फरवरी के अयोध्या दौरे को साझा किया था।
विज्ञापन
विराजमान रामलला के करीब 70 एकड़ के परिसर की वस्तुस्थिति बताने के साथ चारों दिशाओं में कुछ ही दूरी पर बने सड़क मार्गों तक उसे विस्तार देते हुए हनुमानगढ़ी से सरयू तट तक कॉरिडोर बनाने की आवश्यकता जताई। इसके बाद बृहस्पतिवार को राममंदिर निर्माण की 30 साल से तैयारी का अनुभव रखने वाले सिर्फ चंपत राय को दिल्ली की बैठक में बुलाया गया था।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में शामिल शीर्ष अधिकारी, आर्किटेक्ट, टेक्नोक्रेट समेत सरकार व निजी क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों से आए विशेषज्ञों ने अहम सुझाव रखे। रामनगरी के उपलब्ध मैप से राममंदिर से लेकर हनुमानगढ़ी और सरयू तक आने वाले पौराणिक मंदिरों-पार्कों आदि का खाका खींचा गया। भव्य राममंदिर व परिसर से लेकर सरयू तट और माझा बरहटा में प्रस्तावित श्रीराम की 251 मीटर मूर्ति को भी कारिडोर से जोडने का प्रस्ताव आया।
सबका लिंक हाइवे से करने का एलिमेशन के जरिए प्रस्तुतिकरण भी हुआ। इसके बाद विशेषज्ञों का एक दल अयोध्या तत्काल भेजने पर सहमति बनीं। संभावना जताई जा रही है कि एनबीसीसी के पूर्व अध्यक्ष व सीएमडी रहे अरुण कुमार मित्तल के सुपरविजन में यह टीम होली के पहले भी आ सकती है।
श्री मित्तल 29 फरवरी को यहां श्री मिश्र के साथ राममंदिर निर्माण की अहम बैठकों व निरीक्षण में शामिल रहे हैं। ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि नई दिल्ली में हुई हाईप्रोफाइल बैठक समूचे अयोध्या के सांस्कृतिक व पर्यटन विकास से जुड़ी थी। जैसे जैसे राममंदिर का काम आगे बढ़ेगा, कॉरिडोर से लेकर भक्तों को वैश्विक स्तर की सुविधाओं का स्वरूप धीरे-धीरे सामने आता जाएगा।
अचानक पहुंचे चंपत राय, विहिप के इंजीनियर बुलाए
नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के अगले दिन अचानक ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय दोपहर बाद अयोध्या पहुंचे। उन्होंने विहिप की इंजीनियरिंग टीम को भी कारसेवकपुरम् में फोन करके बुलाया था। लगातार मीटिंग व रणनीति बन रही है।
शनिवार सुबह वे अपनी टीम के साथ विराजमान रामलला के परिसर का दौरा करेंगे। वहां रामलला के शिफ्ट करने के लिए तैयार कराए जा रहे अस्थाई मंदिर व भक्तों के आने-जाने के रास्ते का भी निरीक्षण करेंगे। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली से आने वाले इंजीनियरों के दल को तकनीकी फीडबैक देने के लिए ही विहिप ने अपने पुराने टेक्नोक्रेट्स को बुलाया है। इसमें ज्यादातर अब सेवा से रिटायर हो चुके हैं।
चढ़ावे में प्राप्त 8 लाख 4982 रुपये ट्रस्ट के खाते में जमा
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि 15 दिन में रामलला के दरबार में रखे दानपात्र में भक्तों से प्राप्त कुल 8 लाख 4982 रुपये की गिनती पूरी करके शुक्रवार को एसबीआई अयोध्या में खुले ट्रस्ट के खाते में जमा करा दिया गया है।
शनिवार सुबह वे अपनी टीम के साथ विराजमान रामलला के परिसर का दौरा करेंगे। वहां रामलला के शिफ्ट करने के लिए तैयार कराए जा रहे अस्थाई मंदिर व भक्तों के आने-जाने के रास्ते का भी निरीक्षण करेंगे। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली से आने वाले इंजीनियरों के दल को तकनीकी फीडबैक देने के लिए ही विहिप ने अपने पुराने टेक्नोक्रेट्स को बुलाया है। इसमें ज्यादातर अब सेवा से रिटायर हो चुके हैं।
चढ़ावे में प्राप्त 8 लाख 4982 रुपये ट्रस्ट के खाते में जमा
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि 15 दिन में रामलला के दरबार में रखे दानपात्र में भक्तों से प्राप्त कुल 8 लाख 4982 रुपये की गिनती पूरी करके शुक्रवार को एसबीआई अयोध्या में खुले ट्रस्ट के खाते में जमा करा दिया गया है।