ग्राम सभाओं को मिलेगा नगर पंचायत का दर्जा
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ग्राम सभाओं की बढ़ती आबादी को देखते हुए उन्हें नगर पंचायत का दर्जा देने का निर्णय किया गया है। इसके लिए नगर विकास विभाग ने नगर पंचायत बनाने का नया मानक तय किया है।
इसके मुताबिक 20,000 की आबादी पर ग्राम सभाओं को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा।
नगर पंचायत का दर्जा पाने वाली ग्राम सभाओं को शहरी सुविधाएं मिलने लगेंगी। नगर विकास विभाग ने इसके आधार पर जिलों से प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
शहरी क्षेत्र का दर्जा मिलने वाली ग्राम सभाओं को सबसे पहले नगर पंचायतें बनाई जाती हैं। इसके बाद जैसे-जैसे आबादी बढ़ती जाती है दर्जा बढ़ाते हुए उसे नगर पालिका बना दिया जाता है।
ये हैं नगर पंचायत बनाने के मानक
नगर विकास विभाग ने नगर पंचायत बनाने के लिए नया मानक तय किया है। इसके मुताबिक जनगणना 2011 के आधार पर यदि किसी ग्राम सभा की आबादी 20,000 से अधिक हो जाती है, उसकी कुल सालाना आय 30000 है, 75 फीसदी आय के संसाधन कृषि के इतर हैं और शहरी क्षेत्रों जैसे संसाधन हैं तो उसे नगर पंचायत बनाया जा सकता है।
इस आधार पर जिलाधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है जिससे बड़ी ग्राम सभाओं को नगर पंचायत का दर्जा देकर वहां शहरों जैसी सुविधाएं विकसित कराई जा सकें।
बता दें सूबे में मौजूदा समय 429 नगर पंचायतें हैं। हाल ही में गोंडा के परसपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया है।