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UP: अब तेज रफ्तार के शौकीन नहीं भर सकेंगे फर्राटा

Sun, 19 Oct 2014 09:35 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 19 Oct 2014 09:35 PM IST
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govt to apply speed governor in bikes.

आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार अब फर्राटा भरते वाहनों की स्पीड पर ब्रेक लगाने जा रही है। इसके लिए वाहनों में ‘स्पीड गवर्नर’ लगाने की तैयारी है। परिवहन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे शीघ्र ही कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

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वहीं सरकार वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए ऐसे नियम बना रही है ताकि इस डिवाइस को सरकारी व गैर सरकारी दोनों तरह के वाहनों में लगाना जरूरी हो जाए।

आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने यहां वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी कर दिया है। वहां 50 व 65 किलोमीटर की गति नियंत्रित करने वाले डिवाइस वाहनों में लगाए जाते हैं। इस डिवाइस के लगाने के बाद वाहनों को तेज गति से नहीं चलाया जा सकता। वाहनों की गति नियंत्रित होने से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आ जाती है।
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इसी को देखते हुए यूपी सरकार ने भी वाहनों की गति नियंत्रित करने की तैयारी शुरू की है। परिवहन विभाग इस पर एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। शीघ्र ही इसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसे सभी वाहनों में लगाना जरूरी कर दिया जाएगा।

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क्या है स्पीड गवर्नर

govt to apply speed governor in bikes.

यह एक ऐसा उपकरण है जो वाहनों की गति नियंत्रित करता है। यह उपकरण दो तरह के आते हैं। पहला उपकरण वाहनों की फ्यूल सप्लाई को नियंत्रित करने वाला होता है। इसमें यदि आप तय स्पीड से जैसे ही अधिक बढ़ाएंगे स्पीड गवर्नर फ्यूल की सप्लाई बंद कर देगा। ऐसे में वाहन का इंजन बंद हो जाएगा।

स्पीड कम करने से फ्यूल फिर चालू हो जायेगा। दूसरा स्पीड गवर्नर एक्सीलेटर को नियंत्रित करता है। इसमें तय स्पीड के बाद आप वाहन का चाहे जितना भी एक्सीलेटर दबा लें स्पीड नहीं बढ़ेगी। स्पीड गवर्नर आठ से 12 हजार रुपये के बीच वाहनों के अनुसार आता है।

सड़क दुर्घटना से हर साल होती है करीब 36 हजार की मृत्यु
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े यह बताते हैं कि प्रदेश में हर साल 36 हजार से अधिक व्यक्तियों की मौत सड़क हादसों में हो जाती है। यानी हर महीने प्रदेश में तीन हजार व्यक्तियों की मृत्यु हादसे में होती है।

ज्यादातर दुर्घटनाओं में वाहनों की तेज गति ही जिम्मेदार रहती है। इसी को देखते हुए सरकार ने प्रदेश में रोड सेफ्टी पॉलिसी लागू कर दी है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में इतनी अधिक संख्या में होने वाली मौत को लेकर चिंता जता चुके हैं।

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